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बिहार में कोरोना जाँच के नाम पर करोड़ों के घोटाले के आरोप, नीतीश कुमार निशाने पर

by Rahul Gautam 3 months ago Views 2035

Charges of scam worth crores in the name of Corona
पीएम मोदी ने कोरोना काल में कारोबारियों का हौसला बढ़ाने के लिए कहा था की हमें आपदा को अवसर में बदलना होगा। ऐसा लगता है कि भ्रष्टाचार के लिए भी कोरोना काल एक अवसर सिद्ध हुआ है। बिहार में कोरोना टेस्टिंग में करोड़ो रुपए का घपला सामने आया है। इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक खोजी रिपोर्ट के मुताबिक बिहार के कई जिलों में काग़जों पर जमकर फ़र्ज़ी कोरोना टेस्टिंग हुई।

इस खबर के बाद पूरी नीतीश सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने माँग की है  कि नीतीश कुमार तुरंत अपने पद से इस्तीफ़ा दें और पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच हो।


तेजस्वी ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी इस पूरे मामले में दोषी है जिन्होंने महामारी के दौरान तीन स्वास्थ्य सचिवों का ट्रांसफर किया। नतीजा ये हुआ कि 10,000 रैपिड एंटीजन परीक्षणों के आंकड़े सात दिनों की अवधि में 1 लाख तक बढ़ गये, और फिर अगले 25 दिनों में 2 लाख हो गए।

उन्होंने दावा किया कि संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा परीक्षण नहीं किया गया था, सिर्फ कागज़ों पर रिकॉर्ड बनाए गये थे। इससे राज्य को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ, जो एक बड़ा घोटाला है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार बिहार के तीन अलग-अलग जिलों से COVID-19 परीक्षण रिकॉर्ड में 885 एंट्री मिली थी, जिनमें मोबाइल नंबर, नाम और बाकी जानकारियाँ जाली पाई गयीं। उन्होंने कहा कि हमने पिछले साल अगस्त में ऐसे ग़लत काम की ओर इशारा किया था, लेकिन घमंडी मुख्यमंत्री ने आरोप को ठुकरा दिया था। सीएम ने दावा किया था कि परीक्षण सही तरीके से किये गये हैं लेकिन अब असली तस्वीर हमारे सामने आ रही है।

तेजस्वी ने कहा की वे महामारी के दौरान पारदर्शी संचालन के लिए एक आपदा प्रबंधन समिति के गठन की माँग कर रहे थे। समिति न होने के चलते उपकरणों और अन्य साजो सामानों की खरीद में कोई पारदर्शिता नहीं थी। आरजेडी नेता ने कहा उन्हें पूरा संदेह हैं कि रैपिड एंटीजन टेस्टिंग में घोटाला हुआ है। तेजस्वी ने कहा, "नीतीश कुमार ने भ्रष्ट मंत्रियों को संरक्षण दिया है, जो पिछले दिनों विभिन्न वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के पत्रों के माध्यम से सामने आया है।"

यह मामला संसद में भी गूंजा है।राज्यसभा में आरजेडी सांसद मनोज झा ने स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

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