केंद्र सरकार ने लोकसभा में बताया- 'दो साल में नहीं छपे 2,000 रुपए के एक भी नोट'

by GoNews Desk 7 months ago Views 3070

Central government gave big information in Lok Sab
2016 में की गई नोटबंदी के बाद 500 रुपये और दो हज़ार रुपये के नए नोट शुरू किए गए थे। तब चलन में रहे 500 रुपये व एक हज़ार रुपये के नोटों को कालाधन बढ़ाने वाला बताकर बंद किया गया था, लेकिन 1000 रुपये का नोट बंद कर 2000 का शुरू करने पर सवाल उठे थे।

आपको बता दें कि पिछले दो सालों में दो हज़ार रुपए की एक भी नोट की छपाई नहीं हुई है, जबकि इसकी संख्या में लगातार कमी आई है। दो हज़ार रुपए के नोटों की आखिरी छपाई अप्रैल 2019 में हुई थी। वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में इसकी जानकारी दी।


वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने संसद को एक लिखित जवाब में बताया कि 30 मार्च 2018 को 2000 रुपये के 336.2 करोड़ नोट चलन में थे, जबकि 26 फरवरी 2021 को इनकी संख्या घटकर 249.9 करोड़ रह गई। बैंक नोटों की छपाई का फैसला जनता की लेन-देन की मांग को पूरा करने के लिए रिजर्व बैंक की सलाह पर लिया जाता है। 2019-20 और 2020-21 में 2000 रुपये के नोटों की छपाई का ऑर्डर नहीं दिया गया।

इसका मतलब है कि कुल मुद्राओं में दो हज़ार की नोट की हिस्सेदारी मार्च 2018 में 3.3 फ़ीसदी थी जो मार्च 2020 में घटकर 2.4 फ़ीसदी रह गई है। इस दौरान 200 और 500 की नोटों का तेज़ी से प्रसार हुआ है।

इससे पहले रिजर्व बैंक ने 2019 में बताया था कि वित्त वर्ष 2016-17 में 2000 रुपये के 354 करोड़ नोटों की छपाई की गई थी। इसके बाद 2017-18 में केवल 11.15 करोड़ नोटों की छपाई हुई। 2018-19 में 4.669 करोड़ नोट छापे गए तो अप्रैल 2019 के बाद से एक भी नोट नहीं छापा गया।

बता दें, 8 नवंबर 2016 को पीएम मोदी ने नोटबंदी की घोषणा की थी। तब 500 और 1000 रुपये के नोटों को चलन से बाहर किया गया था। इसके बाद सरकार ने 500 रुपए के नए नोट और 2 हज़ार रुपए के नोट को जारी किया था। 2000 रुपए के नोट के अलावा सरकार ने 10, 20, 50 और 100 रुपए के भी नए नोट जारी किए हैं।

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