केंद्र ने मसूद अज़हर के रिश्तेदार को आतंकी घोषित किया, बालाकोट स्ट्राइक में मारे जाने का टीवी मीडिया ने किया था दावा

by M. Nuruddin 1 year ago Views 1907

Center declares Masood Azhar's relative a terroris
केंद्र की मोदी सरकार ने आंतरिक सुरक्षा की दृष्टि से 18 लोगों को आतंकवादी घोषित कर दिया है। केंद्र ने यह आदेश संशोधित यूएपीए क़ानून के तहत जारी किया है। इस क़ानून में संशोधन किए जाने के बाद से भारत अबतक 30 से ज़्यादा लोगों को आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित कर चुका है। ताज़ा आदेश के मुताबिक़ केंद्र ने 1999 में हुए कंधार विमान अपहरण मामले में मसूद अज़हर के रिश्तेदार युसूफ़ अज़हर को भी यूएपीए क़ानून के तहत आतंकवादी घोषित किया है, लेकिन इसमें एक पेंच है।

दरअसल, पिछले साल पाकिस्तान के बालाकोट में भारतीय वायु सेना द्वारा की गई एयर स्ट्राइक के बाद मीडिया और ख़ासतौर पर टीवी मीडिया ने यह दावा किया था इस हमले में यूसुफ़ अज़हर भी मारा गया। कई टीवी मीडिया ने इस ख़बर को प्रमुखता से दिखा रहे थे और छाप रहे थे जबकि भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विजय गोखले ने तब अपने बयान में युसूफ़ के मारे जाने का कहीं ज़िक्र नहीं किया था।


उन्होंने अपने बयान में कहा था, ‘भारत ने बालाकोट में JeM (जेश-ए-मोहम्मद) के एक बड़े ट्रेनिंग कैंप पर हमला अंजाम दिया है। इस ऑपरेशन में, बहुत बड़ी संख्या में JeM आतंकवादियों, प्रशिक्षकों, वरिष्ठ कमांडरों और जिहादियों के समूह जिन्हें फिदायीन कार्रवाई के लिए ट्रेनिंग दिया जा रहा था, को मार गिराया गया है । बालाकोट में इस ट्रेनिंग कैंप का संचालन JeM के प्रमुख मसूद अज़हर के रिश्तेदार मौलाना यूसुफ अज़हर (उर्फ उस्ताद घोरी) द्वारा किया जा रहा था।’

साथ ही हमले के दौरान कैंप में यूसुफ़ अज़हर की मौजूदगी को लेकर भी विदेश मंत्रालय की तरफ से कोई पुख्ता बयान या दावा नहीं किया गया था। हालांकि इधर, 'टीवी मीडिया ने यहां तक दावा कर दिया कि ‘यूसुफ अज़हर बालाकोट में हमले के वक्त ट्रेनिंग कैंप में ही मौजूद’ था। यही नहीं अलग-अलग टीवी मीडिया इस हमले में मारे गए आतंकवादियों का आंकड़ा भी अलग-अलग ही दिखा रहे थे।

बता दें, यूसुफ़ अज़हर वही आतंकी है जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर साल 1999 में फ्लाइट आईसी 814 को हाईजैक कर लिया था जिसके बाद वो इसे कंधार ले गया था। फ्लाइट हाइजैक करने के बाद यूसुफ अज़हर ने यात्रियों को छोड़ने के बदले भारत की जेल में बंद मसूद अज़हर और अपने अन्य साथियों को छोड़ने की मांग की थी।

बता दें कि केन्द्र सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से घोषित आतंकियों की लिस्ट में उन 18 आतंकियों को शामिल किया गया है जिसने भारत में अलग-अलग जगहों पर आतंकी हमले किए और तबाही मचाई। इस लिस्ट में लश्कर, जैश और हिज़बुल मुजाहिदीन के कई आतंकियों को शामिल किया गया है। केन्द्र ने अपने बयान में कहा है, ‘ये सभी लोग सीमा पार से आतंकवाद के अलग-अलग मामलों में शामिल हैं और देश को अस्थिर करने के अपने नापाक इरादों की कोशिश में हैं।’

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