नागरिकता क़ानून के चलते असम के पर्यटन उद्योग को 400 करोड़ का घाटा

by Rahul Gautam 5 months ago Views 1282
CAA: Assam's Tourism Industry Losses Rs 400 Crore,

केंद्र सरकार के विवादित नागरिकता क़ानून के चलते असम की टूरिज़्म इंडस्ट्री को तगड़ा नुकसान हुआ है. असम टूरिज़्म के मुखिया ने कहा है कि अभी तक 400 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है.

केंद्र सरकार के विवादित नागरिकता कानून के ख़िलाफ़ पूर्वोत्तर में जारी विरोध प्रदर्शनों का सीधा असर असम की टूरिज़्म इंडस्ट्री पर पड़ा है. असम टूरिज़्म डिवलपमेंट कॉरपोरेशन के चेयरमैन जयंत मल्ला बरुआ के मुताबिक नागरिकता क़ानून विरोधी प्रदर्शनों के चलते असम की टूरिज़्म इंडस्ट्री को 400 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है.

बरुआ ने कहा, ‘दिसंबर का महीना पर्यटन के लिए काफी अहम होता है और इस इंडस्ट्री से जुड़े सभी लोगों को फ़ायदा होता है. राज्य में टूरिज़्म नवंबर में शुरू होकर जनवरी तक चलता है. पिछले साल दिसंबर महीने में असम में 4,504 विदेशी सैलानी और 4.25 लाख घरेलू सैलानी आए थे.’

बरुआ ने आगे कहा, ‘अगर इस तरह के हालात में बढ़ोतरी हुई तो इसका सीधा असर टूरिज़्म सेक्टर और इससे होने वाली आमदनी पर पड़ेगा. 2018 में असम की टूरिज़्म इंडस्ट्री ने 1200 से 1500 करोड़ रुपए की कमाई की थी जिसमें 30 फ़ीसदी यानी 300 करोड़ से 400 करोड़ रूपये की कमाई दिसंबर में हुई थी.’

नागरिकता क़ानून बनने के बाद से ही पूर्वोत्तर के राज्यों में क़ानून व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है. अमेरिका, इंग्लैंड, कनाडा, रूस और यूनाइटेड अरब एमिरेट्स ने अपने नागरिकों पूर्वोत्तर के राज्यों में नहीं जाने के लिए एडवाइज़री जारी की है.

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क़ानून व्यवस्था बिगड़ने की वजह से ही 15 से 17 दिसंबर के बीच गुवाहाटी में जापान के पीएम शिंज़ो आबे और पीएम मोदी के बीच होने वाली शिखर वार्ता भी रद्द की जा चुकी है.

पूर्वोत्तर की तरह जम्मू-कश्मीर में भी टूरिज़्म के साथ-साथ पूरी अर्थव्यवस्था चौपट हो गई है. जम्मू-कश्मीर चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने बयान जारी कर कहा है कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था को 17,878 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है.