बजट सेशन: राष्ट्रपति कोविंद के अभिभाषण की 10 बड़ी बातें

by Rahul Gautam 4 months ago Views 869
Budget session: 10 big things about President Kovi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल का दूसरा पूर्णकालिक बजट पेश होने से पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संसद में अभिभाषण दिया. इस दौरान उन्होंने सरकार के कामकाज का ब्यौरा दिया और भविष्य की योजनाओं का ख़ाक़ा पेश किया. जानिए उनके अभिभाषण की 10 बड़ी बातें क्या हैं  

1. मेरी सरकार ‘नया भारत' बनाने के लिए जनादेश मिला है और सरकार उसी दिशा में काम कर रही है।  

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2. मुझे प्रसन्नता है कि संसद के दोनों सदनों द्वारा नागरिकता संशोधन कानून बनाकर, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की इच्छा को पूरा किया गया है। 

3. किसी भी पंथ का व्यक्ति इन प्रक्रियाओं को पूरा करके, भारत का नागरिक बन सकता है। शरणार्थियों को नागरिकता देने से किसी क्षेत्र और विशेषकर नॉर्थ ईस्ट पर कोई सांस्कृतिक प्रभाव न पड़े, इसके लिए भी सरकार ने कई प्रावधान किए हैं।  

4. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत औसतन प्रतिवर्ष साढ़े 5 करोड़ से ज्यादा किसान बहुत कम प्रीमियम पर अपनी फसलों का बीमा करा रहे हैं। इस योजना के तहत बीते तीन वर्षों में किसानों को लगभग 57 हजार करोड़ रुपए की क्लेम राशि का भुगतान किया गया है।  

5. मेरी सरकार के विशेष आग्रह पर सउदी अरब ने हज कोटा में अभूतपूर्व वृद्धि की थी जिस वजह से इस बार रिकॉर्ड 2 लाख भारतीय मुस्लिमों ने इबादत की। भारत पहला ऐसा देश है जिसमें हज की पूरी प्रक्रिया डिजिटल और ऑनलाइन की जा चुकी है।  

6. पाँच दशकों से चली आ रही बोडो समस्या को समाप्त करने के लिए केंद्र और असम सरकार ने हाल ही में बोडो संगठनों के साथ ऐतिहासिक समझौता किया है। इस समझौते से, ऐसी जटिल समस्या, जिसमें 4 हजार से ज्यादा लोगों की मृत्यु हुई, उसका समाधान निकला है।  

7. मेरी सरकार भारत की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए सभी स्टेकहोल्डर्स से बातचीत करके अर्थव्यवस्था में हर स्तर पर काम किया जा रहा है।

8. संसद के दोनों सदनों द्वारा दो तिहाई बहुमत से संविधान के अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35 ए को हटाया जाना, न सिर्फ ऐतिहासिक है बल्कि इससे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के समान विकास का भी मार्ग प्रशस्त हुआ है।  

9. सरकार द्वारा पिछले पांच वर्षों में जमीनी स्तर पर किए गए सुधारों का ही परिणाम है कि अनेक क्षेत्रों में भारत की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में अभूतपूर्व सुधार आया है।  

10. इनसॉलवेंसी एंड बैंकरप्सी कोड की वजह से बैंकों और अन्य संस्थानों के करीब साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए वापस भी आए हैं। कॉरपोरेट टैक्स में की गई कटौती और लेबर कोड से जुड़े कानून के बनने से भारत में कारोबार और आसान होगा — राष्ट्रपति कोविन्द