'बॉयकॉट चाइना'? नहीं, ये हैं भारत-चीन व्यापार के नए आंकड़े

by GoNews Desk 1 week ago Views 2394

भारत के कई चीनी ऐप बैन करने और दोनों देशों के बीच लद्दाख की सीमा पर जारी तनाव के बीच भारत और चीन के बीच चालू वित्त वर्ष की पहली छिमाही के दौरान बड़े स्तर पर व्यापार हुआ है. ये व्यापार दो तरफा था जिसमें चीन भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर बन कर उभरा है. भारत और चीन के बीच व्यापार में 62.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.

हाल ही में चीन के जनरल एडमिनिस्ट्रेशन कस्टम्स के जारी डाटा के मुताबिक वित्त वर्ष 2021 के पहले छह महीनों में दोनों देशों के बीच 57.48 अरब डॉलर का व्यापार हुआ है.  इस दौरान भारत का चीन को निर्यात और आयात क्रमशः 69.6  प्रतिशत और 60.4  प्रतिशत बढ़ा है.

भारत ने चीन को 14.7 अरब  डॉलर का सामान निर्यात किया जबकि उससे 42.6 अरब डॉलर की वस्तुएं आयात की. 2021 की पहली छिमाही में भारत का उसके पडो़सी देश के साथ हुआ व्यापार कोविड के पहले स्तर यानि 2019 की पहली छिमाही से भी अधिक है. इस दौरान दोनों देशों के बीच 44.72 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था. 

रिसर्चर्स का मानना है कि भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय व्यापार भारत का चीन से मेडिकल आइटम आयात करना है. आंकड़ों के मुताबिक भारत ने चीन से 26,000 वेंटिलेटर और ऑक्सीजन जनरेटर, 15,000 से अधिक मॉनिटर और 3,800 टन दवाएं और मेडिकल मेटिरियल का आयात किया है.

दोनों देशों के बीच दोतरफा व्यापार बढ़ा है लेकिन ये फिर भी जनवरी से मई के बीच हुए व्यापार की तुलना में कम है. तब चीन और भारत और चीन के बीच ट्रेड में 70 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी.वहीं जनवरी से लेकर अप्रैल के बीच चीन ने भारत के निर्यात किए गए लौह अयस्क का 90 फीसदी हिस्सा आयात किया.

चीन ने भारत से इस दौरान करीब 22.42 मिलियन टन लौह अयस्क आयात किया. ये पिछले साल इसी अवधि के आयात से 66 फीसदी अधिक था. पड़ोसी देश ने 2020 में जनवरी से अप्रैल के बीच 12.24 एमटी लौह अयस्क आयात किया था.

गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प और लद्दाख सीमा पर जारी तनाव के चलते भारत और चीन के बीच व्यापार घट कर 77.67 अरब डॉलर पर आ गया था जबकि 2019 में ये 85.47 अरब डॉलर था.
 

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