पार्टी में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी की 'घूसखोरी' का वीडियो बीजेपी ने अपने यूट्यूब से हटाया

by M. Nuruddin 1 year ago Views 1976

इस वीडियो में टीएमसी के कई नेता किसी शख़्स से पैसा लेते देखे गए थे। तब कहा गया कि इस वीडियो के साझा करने के पीछे बीजेपी की मंशा टीएमसी को ‘बदनाम’ करने और लोगों को यह बताने की थी की टीएमसी पार्टी कितनी भ्रष्ट है।

BJP removed video of Shubhendu Adhikari's 'bribery
भारतीय जनता पार्टी ने पार्टी में शामिल हुए पूर्व टीएमसी नेता शुभेंदु अधिकारी का एक वीडियो को अपने यू-ट्यूब चैनल से हटा दिया। इस वीडियो में शेभेंदु अधिकारी को घूस लेते दिखाया गया था। खुद बीजेपी ने इसी अंदाज़ में ट्वीट किया था। इस वीडियो के डीलीट होने के बाद बीजेपी की चौतरफा आलोचना हो रही है। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि ‘पश्चिम बंगाल में अमित शाह की कपड़े धोने की जादुई मशीन चल रही है। बीजेपी में शामिल हों और धुलकर, स्वच्छ बनकर उभरें।’

दरअसल साल 2016 में बीजेपी ने अपने यू-ट्यूब चैनल पर एक पोर्टल द्वारा किए गए एक स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो अपलोड किया था। इस वीडियो में टीएमसी के कई नेता किसी शख़्स से पैसा लेते देखे गए थे। तब कहा गया कि इस वीडियो के साझा करने के पीछे बीजेपी की मंशा टीएमसी को ‘बदनाम’ करने और लोगों को यह बताने की थी की टीएमसी पार्टी कितनी भ्रष्ट है।


इस स्टिंग वीडियों में घूस लेते पकड़े गए शुभेंदु अधिकारी 19 दिसंबर को गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हो गए। इसके अलावा वीडियो में टीएमसी के बड़े नेता मुकुल रॉय भी घूस लेते पकड़े गए थे जो अब बीजेपी के नेता हैं। तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि इन दोनों नेताओं के बीजेपी में शामिल होने के बाद स्टिंग वाला वीडियो बीजेपी के आधिकारिक यू-ट्यूब चैनल से हटा दिया गया है। हालांकि पश्चिम बंगाल बीजेपी के फेसबुक पेज पर स्टिंग वीडियो में दिखने वाले सभी नेताओं की लिस्ट मौजूद है।

कहा जा रहा है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए गृह मंत्री अमित शाह राज्य में ज़मीन तैयार करने के लिए गए थे। इसके लिए वो दो दिन, 19 और 20 दिसंबर को पश्चिम बंगाल में रहे। इस दौरान अमित शाह ने मिदनापुर की अपनी रैली में कहा, ‘शुभेंदु भाई के नेतृत्व में कांग्रेस, तृणमूल, सीपीएम सभी पार्टी से अच्छे लोग अब भारतीय जनता पार्टी से जुड़ रहे हैं।’

साल 2016 में एक न्यू़ज़ पोर्टल ‘नारद न्यूज़’ ने कम से कम 13 टीएमसी नेताओं का स्टिंग किया था। इसमें ‘अपने काम के लिए एक शख़्स इन नेताओं को घूस दे रहा था और वे वीडियो में घूस लेते दीखा रहे थे’  स्टिंग वीडियो में देखे गए 13 नेताओं में सात सांसद, चार मंत्री, एक विधायक और एक आईपीएस अधिकारी शामिल था।

सात सांसदों में से एक सुल्तान अहमद की मृत्यु हो गई और मुकुल रॉय 2017 में बीजेपी में शामिल हो गए थे। वहीं चार मंत्रियों में से एक सोवन चटर्जी ने 14 अगस्त 2019 को बीजेपी जॉइन कर लिया था।

इस मामले में मोदी सरकार ने ‘सीबीआई जांच के आदेश’ दिए थे। साल 2017 में सीबीआई ने मामले की जांच शुरु की। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ अगस्त 2019 में सीबीआई ने टीएमसी के तीन बड़े नेताओं सौगत रॉय, काकोली घोष दस्तीदार और प्रसून बनर्जी के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने के लिए इजाज़त मांगी थी लेकिन लोकसभा अध्यक्ष की तरफ से इसकी इजाज़त अभी तक नहीं दी गई है। वहीं इस मामले में सीबीआई ने अभी तक चार्जशीट भी दाख़िल नहीं की है।

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