हिंसा और हत्या के दावों से बंगाल में सरकार विरोधी माहौल बनाने में जुटी भाजपा

by M. Nuruddin 1 year ago Views 1718

माना जा रहा है कि अगले हफ्ते गृह मंत्री अमित शाह के पश्चिम बंगाल दौरे से राज्य में पार्टी चुनाव अभियान की मज़बूती से शुरुआत करेगी।

BJP engaged in creating anti-government atmosphere
भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा के क़ाफिले पर हमले से पश्चिम बंगाल की राजनीति में मानो उबाल आ गया  है। राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होना है। ऐसे में माना जा रहा है कि बीजेपी ज़मीनी स्तर पर माहौल बनाने की कोशिश में है। राज्य में पार्टी के कार्यकर्ताओं की ‘हत्या’ के दावे को भी इसी नज़रिये से देखा जा रहा है। पश्चिम बंगाल से पार्टी के बड़े नेता और केन्द्र में मंत्री बाबुल सुप्रियो ने ‘हाल के दिनों में 130 पार्टी कार्यकर्ताओं की हत्या' का दावा किया है।

एक अंग्रेज़ी अख़बार ने पश्चिम बंगाल पुलिस के हवाले से बताया है कि 2019 के लोकसभा चुनाव से नवंबर 2020 तक 47 राजनीतिक हत्याएं हुई हैं। इनमें 28 भाजपा कार्यकर्ता, 18 टीएमसी कार्यकर्ता और सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया का एक कार्यकर्ता शामिल हैं। भाजपा नेता बाबुल सुप्रियो ने कार्यकर्ताओं की हत्या पर अपने एक बयान में राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने के भी संकेत दिये थे।


2019 के लोकसभा चुनाव के बाद राज्य से ऐसे 54 कार्यकर्ताओं के परिवार को नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण में बुलाया गया था जिनकी कथित रूप से टीएमसी ने हत्या करवा दी थी। टीवी मीडिया चैनल एनडीटीवी ने अपने इन्वेस्टिगेशन में ऐसे 23 परिवारों से बात की जिसमें सात ऐसे मामलों में भाजपा के आरोप ग़लत साबित हुए।

कार्यकर्ताओं के परिवार वालों ने हत्या में टीएमसी की संलिप्तता से ख़ुद इनकार किया। जबकि सात मामलों में टीएमसी कार्यकर्ताओं की संलिप्तता के रिकॉर्ड पुलिस में दर्ज हैं। वहीं 9 ऐसे मामले थे जिसमें टीएमसी के हाथ होने का कोई सबूत नहीं मिला। इनके अलावा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आठ ऐसे मामलों का दावा किया जिसमें भाजपा के आरोप ग़लत थे।

7 दिसंबर को राज्य सरकार के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन के दौरान बीजेपी युवा मोर्चा के एक कार्यकर्ता की मौत हो गई थी। पार्टी ने इसके लिए पश्चिम बंगाल पुलिस को ज़िम्मेदार ठहराया है। जबकि पुलिस ने इन आरोपों को ख़ारिज करते हुए कार्यकर्ता की ‘शॉटगन’ से हत्या का दावा किया जो ‘पश्चिम बंगाल पुलिस इस्तेमाल नहीं करती है।’ हालांकि उसी दिन टीएमसी ने भी भाजपा पर दक्षिण बंगाल में अपने एक कार्यकर्ता बप्पा सरकार की हत्या का आरोप लगाया, जिसकी जांच चल रही है।

भाजपा नेताओं का कहना है कि जिन लोगों ने टीएमसी को वोट दिया था वो ही लोग एक लोकतांत्रिक तरीके से मौजूदा सरकार को नकारेंगे। लेकिन अब उसे ऐसा मुमकिन नहीं लगता। उसका आरोप है कि क़ानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। रोज़ाना राजनीतिक हत्याएं हो रही हैं। पार्टी के कई नेता राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग कर रहे हैं।

हाल ही में जेपी नड्डा के क़ाफिले पर हमले के बाद गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी को तलब किया था। हालांकि ममता बनर्जी ने उन्हें दिल्ली भेजने से इनकार किया। माना जा रहा है कि अगले हफ्ते गृह मंत्री अमित शाह के पश्चिम बंगाल दौरे से राज्य में पार्टी चुनाव अभियान की मज़बूती से शुरुआत करेगी।

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