ads

मुज़फ्फ़रपुर बालिका गृह कांड में नाम आने से गया था मंत्री पद, JDU ने दोबारा चुनाव मैदान में उतारा

by GoNews Desk 7 months ago Views 1166

Bihar elections: JD-U gives ticket to Muzaffarpur
बिहार चुनाव के लिए सत्तारुढ़ जनता दल यूनाइटेड ने बुधवार को अपने 115 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। जारी हुई लिस्ट में एक नाम मंजू वर्मा का भी है जिन्हें मुज़फ़्फ़रपुर बालिकागृह कांड के उजागर होने के बाद इस्तीफ़ा देना पड़ा था। इस कांड में उनके पति चंद्रशेखर का नाम भी सामने आया था जिनके मुख्य अभियुक्त बृजेश ठाकुर के साथ नज़दीकी संबंध थे। इस खुलासे के बाद उन्हें पार्टी से भी निकाल दिया गया था। लेकिन इस एक बार फिर जेडीयू ने मंजू वर्मा को बेगूसराय के चेरिया-बरियारपुर विधानसभा सीट से टिकट दिया है।

मुज़फ़्फ़रपुर बालिकागृह कांड के समय मंजू वर्मा बिहार सरकार में मंत्री थीं। उनके हाथों में बिहार का समाज कल्याण मंत्रालय सौंपा गया था लेकिन उनके पति चंद्रशेखर वर्मा का नाम इस कांड में सामने आने के बाद उन्हें मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा देना पड़ा था। दरअसल, मुज़फ़्फ़रपुर बालिकागृह में 34 नाबालिक लड़कियों के साथ यौन और शारीरिक शोषण की बात सामने आयी थी। इस घटना के सामने आने के बाद नीतीश सरकार की बहुत किरकिरी हुई थी।


मामले की जांच के दौरान सीबीआई ने मंजू वर्मा के घर पर छापे मारी की जहां से भारी संख्या में हथियार और 50 से ज़्यादा अवैध कारतूस बरामद किए गए थे। अवैध हथियार रखने के आरोप में मंजू वर्मा और उनके पति चंद्रशेखर वर्मा के ख़िलाफ बेगूसराय के ही चेरिया-बरियारपुर पुलिस स्टेशन मे आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज किए गए। बाद में नवंबर 2018 में मंजू वर्मा समेत उनके पति को जेल भेज दिया गया था। हालांकि बाद में पटना हाई कोर्ट ने उन्हें ज़मानत दे दी।

बता दें कि मुज़फ़्फ़रपुर बालिकागृह कांड में मुख्य आरोपी के तौर पर बृजेश ठाकुर जेल में उम्रक़ैद की सज़ा काट रहे हैं। इनके अलावा 11 अन्य दोषियों को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई गई थी और वे सभी जेल में बंद हैं। इनमें ज़िला बाल संरक्षण अधिकारी दिलीप कुमार वर्मा, बाल कल्याण समिति के सदस्य विकास कुमार भी दोषी पाए गए थे। वहीं राम शंकर सिंह और अश्वनी को आपराधिक साजिश और बलात्कार के अपराध में दोषी पाया गया।

यही नहीं इस कांड में आठ महिलाओं को भी दोषी पाया गया था। इनमें शाइस्ता प्रवीण, इंदु कुमारी, मीनू देवी, मंजू देवी, चंदा देवी, नेहा कुमारी, हेमा मसीह, किरण कुमारी शामिल थीं। ज़ाहिर है, भले ही पार्टियाँ राजनीति में सुचिता की बात करती हों लेकिन चुनावों में उन्हें इसे दरकिनार करने में कोई झिझक नहीं है।

ताज़ा वीडियो