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'प्रधानमंत्री योजना लोन' के नाम पर फ़र्ज़ी वेबसाइट से सावधान!

by Siddharth Chaturvedi 2 months ago Views 6167

Beware of fake website in the name of Pradhan Mant
दिल्ली स्थित थिंक टैंक 'साइबर पीस फाउंडेशन' ने हाल ही में लोन लेने वाले लोगों को अलर्ट किया है। फाउंडेशन के मुताबिक, लोन लेने वाले लोगों को लुभाने के लिए 'प्रधानमंत्री योजना लोन' के नाम से एक फ़ेक वेबसाइट बनाई गई है। इस वेबसाइट पर लोगों के साथ फ्रॉड हो रहा है। ये लोगों की पर्सनल डिटेल जुटाकर उसका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी नाम से एक ऐप भी बनाया गया था, जिसे अब गूगल ने प्ले स्टोर से हटा दिया है।

इस फेक वेबसाइट के ज़रिए हैकर्स लोगों के आधार कार्ड, राशन कार्ड, पेन कार्ड की डिटेल हासिल कर लेते हैं। बाद में इस डेटा का गलत इस्तेमाल किया जाता है। साइबरपीस फाउंडेशन ने ऑटोबोट इंफोसेक प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिलकर इस मामले की जांच शुरू की है।


इस रिपोर्ट में कहा गया है कि वेबसाइट के पास .com का एक डोमेन है। जबकि भारत सरकार से जुड़ी कोई भी वेबसाइट .gov.in या .nic.in पर होस्ट की जाती है। वेबसाइट पर कई व्याकरणिक गलतियांँ भी देखी गई हैं।

फाउंडेशन ने बताया कि वेबसाइट www.pradhanmantriyojanaloan[.]com पर्नसल जानकारी और बैंक खाते की डिटेल के लिए पूछता है। जब ग्राहक अपने पर्सनल डेटा की डिटेल दे देते हैं तब उसके पास एक थैंक यू का मैसेज भी आता है। इससे पहले इसी नाम का एंड्रॉइड ऐप भी लोगों से उनकी पर्सनल जानकारी जैसे एड्रेस प्रूफ और अन्य के बारे में पूछता था।

वेबसाइट पर एक QR कोड भी मौजूद है। जब उसे स्कैन किया जाता है तब एक फोनपे मर्चेंट की UPI डिटेल सामने आती है।  UPI ID के वेरिफिकेशन की कोशिश की गई, लेकिन इसे इनवैलिड बता दिया गया। इसके अलावा जब वेबसाइट पर डिटेल देने के बाद आगे गए तब नया पेज खुला।

इसमें मोबाइल नंबर का ओटीपी मांगा जाता है। पर यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि मोबाइल पर कोई ओटीपी आता नहीं है पर प्रोसेस अपने आप पूरा हो जाता है और उसके बाद 10 अंकों वाली रीसिप्ट भी दी जाती है।और जब आप उन 10 अंकों को डालकर स्टेटस चेक करने की कोशिश करेंगे तो लिखा आ जाएगा कि “आपका आवेदन जमा हो गया है। धन्यवाद!”

गूगल ने अब तक भारत में प्ले स्टोर से लगभग 100 इंस्टेंट लोन ऐप्स को हटाया है। हाल ही में सरकार की तरफ़ से संसद में बताया गया कि ये ऐप्स नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। यूजर्स और सरकारी एजेंसियों ने इन ऐप्स को लेकर चिंता जताई थी। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को इंस्टेंट लोन के नाम पर धोखाधड़ी को लेकर कई शिकायतें भी मिली थीं।

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