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'टीआरपी मैनिपुलेशन' के लिए अर्नब ने दिए 40 लाख रूपये, दासगुप्ता का दावा

by GoNews Desk 3 months ago Views 1562

ऑडिट रिपोर्ट में कहा गया है कि 2017, 2018 और 2019 में अंग्रेज़ी और तेलुगु न्यूज़ चैनलों द्वारा किए टीआरपी मैनिपुलेशन के सबूत भी हैं।

Arnab paid 40 lakh rupees for TRP manipulation, cl
रिपब्लिक टीवी टीआरपी स्कैम मामले में एक नया मोड़ आया है। इस मामले में मुंबई पुलिस ने 3600 पन्नों की एक चार्जशीट दाखिल की है जिसमें एक बड़ा खुलासा हुआ है। चार्जशीट के मुताबिक़ स्कैम में शामिल पार्थो दासगुप्ता ने अपने बयान में कहा है कि अर्नब ने उन्हें टीआरपी मैनिपुलेशन के लिए 40 लाख रूपये दिए थे। दासगुप्ता ने अपने बयान में यह भी क़बूला है कि उन्हें परिवार सहित दो बार छुट्टियां बिताने के लिए अर्नब ने 12000 अमेरिकी डॉलर अलग से दिया।

मुंबई पुलिस द्वारा दाखिल अतिरिक्त चार्जशीट में पार्थो दासगुप्ता, ब्रॉडकास्ट ऑडिएंस रीसर्च काउंसिल (बार्क) की पूर्व सीओओ रोमिल रमगढ़िया और रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के सीईओ विकास खनचंदानी के नाम शामिल हैं।  


इससे पहले नवंबर 2020 को पुलिस ने पहली चार्जशीट दाखिल की थी जिसमें 12 लोगों के नाम शामिल थे। वहीं मुंबई पुलिस की नई चार्जशीट में बार्क की फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट, दासगुप्ता और अर्नब के बीच हुई कथित वॉट्सऐप चैट और 59 लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। इसमें पूर्व काउंसिल कर्मचारी और केबल ऑपरेटर के बयान भी दर्ज हैं।  

पार्थो दासगुप्ता ने अपने लिखित बयान में बताया है कि अर्नब और वो एक दूसरे को 2004 से जानते हैं। 2013 में दासगुप्ता बार्क के सीईओ बने और 2017 में अर्नब ने अपना रिपब्लिक टीवी लॉन्च किया। दासगुप्ता ने क़बूला है कि उन्होंने अपनी टीम के साथ काम करके रिपब्लिक को नंबर 1 रेटिंग दिलाने में मदद की। दासगुप्ता के मुताबिक़ यह सब 2017 से 2019 के बीच किया गया था। 

दासगुप्ता ने बताया कि इन दो सालों में अर्नब ने उन्हें परिवार सहित फ्रांस एवं स्विट्ज़रलैंड की ट्रिप के लिए 6000 अमेरिकी डॉलर दिया था। इसके बाद अर्नब ने अतिरिक्त 6000 अमेरिकी डॉलर स्वीडन एवं डेनमार्क की यात्रा के लिए दिया था। दासगुप्ता को अर्नब ने अपने चैनल की रेटिंग बढ़ाने के लिए तीन किश्तों में 40 लाख रूपये दिए। दासगुप्ता ने क़बूल किया है कि एक बार 20 लाख रूपये, 2018 में दस लाख और 2019 में दस लाख रूपये दिए गए।

हालांकि पार्थो दासगुप्ता के वकील अर्जुन सिंह ने इस बयान को पूरी तरह से नाकारा है। उन्होंने कहा, 'ये बयान जोर जबरदस्ती दर्ज करवाया गया होगा और अदालत में नहीं चलेगा। इसे सबूत के रूप में नहीं देखा जा सकता।' इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक़ अर्नब की लीगल टीम ने फिलहाल इसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

मुंबई पुलिस की इस ऑडिट रिपोर्ट में कई न्यूज़ चैनलों के नाम भी हैं जिनमें टाइम्स नाउ, आज तक जैसे बड़े नाम शामिल हैं। चैनलों पर आरोप है कि बार्क के उच्चाधिकारियों की मिलिभगत से रेटिंग्स की प्री-फिक्सिंग की गई और कथित रूप से छेड़छाड़ की गई। ऑडिट रिपोर्ट में कहा गया है कि 2017, 2018 और 2019 में अंग्रेज़ी और तेलुगु न्यूज़ चैनलों द्वारा किए टीआरपी मैनिपुलेशन के सबूत भी हैं।

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