ads

ख़ुदकुशी मामले में अर्नब गोस्वामी को मिली ज़मानत, जाने क्या बहस हुई सुनवाई के दौरान

by Siddharth Chaturvedi 6 months ago Views 1413

Arnab Goswami gets bail in suicide case, know what
ख़ुदकुशी के लिए उकसाने के मामले में जेल में बंद रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी को सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अंतरिम जमानत दे दी। कोर्ट ने इसी मामले में अन्य 2 आरोपियों को भी जमानत दे दी है। शीर्ष अदालत ने जेल प्रशासन और पुलिस कमिश्नर को आदेश का तुरंत लागू करने के निर्देश दिए हैं और साथ ही कहा कि वो नहीं चाहते कि रिहाई में दो दिनों की देरी हो।

मामले की सुनवाई करते वक़्त सुप्रीम कोर्ट ने कहा - अगर हम निचली अदालत में ज़मानत की शर्तें पूरी करने को कहेंगे तो और दो दिन लग सकते हैं, इसलिए हमने 50,000 का निजी मुचलका जेल प्रशासन के पास भरने को कह दिया है। इस मामले की सुनवाई जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस इंदिरा बनर्जी की डबल बेंच ने की।


बता दें कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने अर्नब गोस्वामी को जमानत देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद वो सुप्रीम कोर्ट गए थे।

सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा 'आप विचारधारा में भिन्न हो सकते हैं लेकिन संवैधानिक अदालतों को इस तरह की स्वतंत्रता की रक्षा करनी होगी वरना हम विनाश के रास्ते पर चल रहे हैं।अगर हम एक संवैधानिक अदालत के रूप में कानून नहीं बनाते और स्वतंत्रता की रक्षा नहीं करते हैं तो कौन करेगा?'

जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि 'हो सकता है कि आप उनकी (अर्णब) विचारधारा को पसंद नहीं करते. मुझे ही देखें, मैं उनका चैनल नहीं देखता लेकिन अगर हाईकोर्ट जमानत नहीं देती है तो नागरिक को जेल भेज दिया जाता है। हमें एक मजबूत संदेश भेजना होगा। पीड़ित निष्पक्ष जांच का हक़दार है।

महाराष्ट्र सरकार की सरकार की तरफ से पेश हुए कपिल सिबल ने हाल में ही यूपी में गिरफ्तार हुए केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन मामले का उल्लेख किया। उन्होंने कहा - केरल के एक पत्रकार को यूपी पुलिस ने उस समय गिरफ्तार किया जब वह हाथरस जा रहा था। हम आर्टिकल 32 के तहत इस अदालत में आए। अदालत ने कहा कि निचली अदालत में जाएं। सुनवाई की तारीख चार हफ्तों के बाद की मिली। ऐसी बातें भी हो रही हैं, सिबल ने कहा कोर्ट को इस मामले की जांच से जुड़े अहम दस्तावेज़ जैसे केस डायरी, जांच रिपोर्ट पढ़े बिना अर्नब को बेल नहीं देनी चाहिए जो कि सेशन कोर्ट के पास है जहाँ कल सुनवाई होनी है। उन्होंने कहा केवल एफ़आईआर के आधार पर बेल देना उचित नहीं होगा।

वहीं, अर्नब का केस सामने रख रहे वकील हरीश साल्वे ने जमानत के पक्ष में दलील रखते हुए कहा कि 'क्या अर्नब गोस्वामी आतंकवादी हैं? क्या उन पर हत्या का कोई आरोप है? उनको जमानत क्यों नहीं दी जा सकती?'

साथ ही हरीश साल्वे ने कहा कि, ”पिछले महीने महाराष्ट्र में एक व्यक्ति ने यह कहते हुए आत्महत्या कर ली कि मुख्यमंत्री वेतन देने में असफल रहे? आप क्या करेंगे? मुख्यमंत्री को गिरफ्तार करेंगे?" "क्या आप तीन साल पुरानी एफ़आईआर में किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करते हैं और उसे दीवाली के सप्ताह जेल में डाल देते हैं और फिर उसे कठोर अपराधियों के साथ तलोजा जेल में ट्रांसफर कर देते हैं?"

आपको बता दें कि 7 दिनों से जेल में बंद अर्नब की गिरफ्तारी 2018 के एक मामले में हुई थी। अर्नब पर एक इंटीरियर डिज़ाइनर (अन्वय नाइक) और उनकी मां को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है।

ताज़ा वीडियो