बढ़ते वायु प्रदूषण से भारतीय व्यापार को हर साल हो रहा है 7 लाख करोड़ का नुकसान : रिपोर्ट

by Siddharth Chaturvedi 6 months ago Views 4334

Air Pollution Costs Indian Businesses 3% Of The GD
देश में बढ़ता वायु प्रदूषण बड़े स्तरों पर लोगों के स्वास्थ को नुकसान पहुंचा रहा है। लेकिन इस बढ़ते प्रदूषण के बीच अब रिसर्च में खुलासा हुआ है कि वायु प्रदूषण सिर्फ आपके स्वास्थ्य पर ही नहीं बल्कि भारतीय व्यापार के लिए भी बड़ा ख़तरा बनता जा रहा है। इसका मतलब अब प्रदूषण आपके सेहत के साथ साथ आपकी जेब पर भी भारी पड़ रहा है।

हाल ही में जारी एक रिसर्च से पता चला है कि वायु प्रदूषण के कारण हर साल भारतीय व्यवसायों को 95 बिलियन डॉलर यानी 7 लाख करोड़ से ज़्यादा का नुकसान हो रहा है। जो कि भारत की कुल सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी का लगभग 3 प्रतिशत है। रिसर्च में ये भी दावा किया गया है कि हर साल उपभोक्ता से जुड़े व्यवसायों को 22 बिलियन अमरीकी डॉलर के राजस्व का घाटा होता है। ये रिसर्च डलबर्ग एडवाइजर्स और उद्योग समूह सीआईआई द्वारा किया गया है।


रिसर्च में कहा गया है कि भारतीय व्यापार को होने वाला ये नुकसान सालाना टैक्स संग्रह के 50 प्रतिशत के बराबर है साथ ही यह भारत के हेल्थ बजट का डेढ़ गुना है। रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि भारत का आईटी क्षेत्र, जो देश के जीडीपी में 9 फीसदी योगदान देता है, उसे वायु सहित अन्य प्रदूषण के कारण प्रोडक्टिविटी कम होने की वजह से हर साल 1.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर का नुकसान होता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर भारत में प्रदूषण की यही स्थिति बनी रही तो यह आंकड़ा साल 2030 तक लगभग दोगुना हो सकता है

रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर दिल्ली अपनी ज़हरीली हवा को साफ नहीं करती है तो तेज़ी से बढ़ते आईटी सेक्टर को हर साल 2.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर से ज़्यादा का नुकसान हो सकता है।

यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि दिल्ली दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी है और दुनिया के 50 सबसे प्रदूषित शहरों में से 35 शहर भारत के हैं। इससे पहले, 2020 में ग्रीनपीस दक्षिण पूर्व एशिया द्वारा जारी एक रिपोर्ट में कहा गया था कि दिल्ली में वायु प्रदूषण के कारण लगभग 24,000 लोगों की जान चली गई थी।

वहीं इस रिसर्च में ये भी दावा किया गया है कि 2030 तक भारत उन देशों में शामिल हो जाएगा जहां समय से पहले डेथ रेट की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान उठाना पड़ता है। हालात देखें तो काफ़ी भयावह हैं और स्तिथि साल दर साल और ख़राब हो रही है। ज़रूरत है कि इस तरफ़ जल्द से जल्द हर एक व्यक्ति द्वारा ऐसे क़दम उठाए जाएँ जिससे स्तिथि बेहतर हो और भारत और ख़ूबसूरत बन सके।

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