यूएन के बाद अब मुस्लिम देशों के संगठन ओआईसी ने भी नागरिकता कानून पर कड़ा बयान दिया

by Rahul Gautam 5 months ago Views 1784
After the UN, now the OIC of Muslim countries also
विवादित नागरिकता क़ानून के चलते भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचा है. जिन देशों के साथ भारत के संबंध हमेशा बेहतर रहे हैं, अब उन देशों के साथ संबंधों को तल्ख़ी आ रही है. अब 57 मुस्लिम देशों के संगठन ओआईसी ने भी भारत के नागरिकता क़ानून पर चिंता जताते हुए भारतीय मुसलमानों की सुरक्षा की मांग की है.   

केंद्र सरकार का विवादित नागरिकता कानून भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को धक्का पहुंचा रहा है. इस्लामिक देशों के संगठन ऑर्गेनाइजेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन यानी ओआईसी ने भारत में अल्पसंख्यकों के बीच मची उथल पुथल पर कड़ा बयान जारी किया है. ओआईसी के महासचिव युसूफ़ बिन अहमद बिन अब्दुल रहमान की ओर से जारी बयान में कहा गया है…

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‘ऑर्गेनाइजेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन का महा सचिवालय भारतीय मुसलमानों को प्रभावित करने वाले हालिया घटनाक्रमों पर नज़र बनाये हुए है. ओआईसी हालिया नागरिकता के अधिकार और बाबरी मस्जिद केस से जुड़ी गतिविधियों पर चिंता ज़ाहिर करता है. ओआईसी भारतीय अल्पसंख्यक और उसके धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को दोहराता है.’

57 इस्लामिक देशों वाला ओआईसी संयुक्त राष्ट्र के बाद दूसरा सबसे बड़ा संगठन है. उसकी यह प्रतिक्रिया भारत के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है. संयुक्त राष्ट्र इससे पहले भी भारत के नागरिकता क़ानून पर चिंता ज़ाहिर कर चुका है.

संयुक्त राष्ट्र और ओआईसी से इतर मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मुहम्मद ने भारत को बाक़ायदा चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि मलेशिया उन भारतीयों को भी नागरिकता दी है जो पात्रता पूरी नहीं करते थे. मगर भारत एक सेकुलर देश है और वहां नागरिकता क़ानून की वजह से अल्पसंख्यक मर रहे हैं. अगर ऐसा मलेशिया में हुआ तो अस्थिरता बढ़ेगी और लोग प्रभावित होंगे.

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मलेशियाई पीएम के इस बयान पर भारत कड़ी आपत्ति जताते हुए दिल्ली में उसके राजनयिक को तलब कर चुका है. मगर नागरिकता क़ानून पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती सरगर्मी भारत के संबंध अन्य देशों में तल्खी पैदा करने वाली है.