'आरोग्य सेतु किसने बनाया और कहां है डेटा, सरकार के पास जानकारी नहीं', CIC का कारण बताओ नोटिस जारी

by M. Nuruddin 1 year ago Views 2250

Aarogya Setu: Govt Has No Clue On Who Created The
कोविड संक्रमण से बचाव के लिए बनाए गए ‘आरोग्य सेतु’ मोबाइल ऐप को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। ऐप को लेकर नेशनल इन्फोर्मेटिक्स सेंटर ने एक आरटीआई के जवाब में कहा है कि, ‘ऐप को किसने बनाया और इसके यूज़र्स का डेटा कहां स्टोर हो रहा है, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।

केंद्रीय सूचना आयोग या सीआईसी ने मंगलवार को पब्लिक इन्फॉर्मेशन ऑफिसर, इलेक्ट्रॉनिक मंत्रालय, नेशनल इंफोर्मेटिक सेंटर और नेशनल ई-गवर्नेंस डीविज़न को इस बारे में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सूचना आयोग ने नेशनल इंफोर्मेटिक्स सेंटर या एनआईसी से पूछा है, ‘आरोग्य सेतु की वेबसाइट पर यह दावा कि ऐप को एनआईसी द्वारा डिज़ाइन, डेवलप्ड और होस्ट किया गया है, तो उन्हें यह कैसे नहीं पता कि ऐप को किसने बनाया ?


इतना ही नहीं आयोग ने आरोग्य सेतु की वेबसाइट https://aarogyasetu.gov.in/ के डोमेन (gov.in) को लेकर भी सवाल उठाए हैं और एनआईसी से लिखित में जवाब मांगा है।

आयोग ने आगे कहा, ‘किसी भी सेंट्रल पब्लिक इन्फॉर्मेशन ऑफिसर या सीपीआईओ ने इस बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी कि ऐप को किसने बनाया और फाइलें कहां हैं, जो बहुत ही बेतुका है। आयोग ने जिन लोगों को नोटिस जारी किया है उनमें डिप्टी डायरेक्टर और सीपीआईओ एसके त्यागी, डिप्टी डायरेक्टर इलेक्ट्रोनिक्स डीके सागर और सीपीआईओ और एनईजीडी के जनरल मैनेजर आरए धवन शामिल हैं।

बता दें कि केंद्रीय सूचना आयोग ने यह नोटिस एक आरटीआई कार्यकर्ता सौरभ दास की शिकायत के बाद जारी किया है। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा था कि आरोग्य सेतु ऐप के बारे में संबंधित विभाग ने कोई जानकारी नहीं दी। हालांकि गूगल प्लेस्टोर पर ऐप के बारे में बताया गया है कि, ‘कोविड-19 से लड़ने के लिए भारत के लोगों के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को जोड़ने के लिए यह भारत सरकार द्वारा बनाया गया ऐप है।’

आरोग्य सेतु ऐप कोविड महामारी को देखते हुए इलेक्ट्रोनिक्स मंत्रालय द्वारा लॉन्च किया गया था। गूगल प्लेस्टोर के मुताबिक़ ऐप को अबतक 16 करोड़ लोगों ने डाउनलाउड किया है। बता दें कि इस ऐप के बिना किसी भी सरकारी दफ्तर में एंट्री नहीं दी जाती और कई प्राइवेट बिल्डिग्स ने भी इसको अनिवार्य कर दिया है।

इससे पहले ऐप की प्राइवेसी को लेकर भी सवाल उठ चुके हैं जिसको केन्द्र ने सिरे से ख़ारिज किया था। हालांकि अब अचानक यू-टर्न के बाद से 16 करोड़ लोगों की प्राइवेसी और डेटा को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं। कई यूज़र्स ने भी दावा किया है कि आरोग्य सेतु मोबाइल ऐप के डाउवलाउड करते ही पैथोलेजी लैब से फोन आने लगे।

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