900 मिलियन टन खाने की हर साल बर्बादी, 690 मिलियन लोग हर रोज़ सोते हैं भूखा: रिपोर्ट

by M. Nuruddin 1 year ago Views 2078

दुनियाभर में एक तरफ बड़े स्तर पर खाने की बर्बादी हो रही और दूसरे तरफ बड़ी संख्या में लोग हर रोज़ भूखे सो जाते हैं...

900 million tons of food wasted every year, 690 mi
युनाइटेड नेशन की हालिया एक रिपोर्ट में सामने आया है कि साल 2019 में दुनियाभर में 931 मिलियन टन खाना बर्बाद हो गया। यह इतना खाना है कि इससे पूरी पृथ्वी को सात बार ढंका जा सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में घरेलू भोजन की बर्बादी एक साल में 68.7 मिलियन टन है। संयुक्तक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम या UNEP और साझेदार संगठन WRAP की ओर से फूड वेस्ट इंडेक्स 2021 की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है।

रिपोर्ट के मुताबिक़ खाने की सबसे ज़्यादा बर्बादी लोग अपने घरों में कर रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि कुल फूड वेस्ट का 60 फीसदी घरों से आता है, 26 फीसदी फूड सर्विसेज़ और खुदरा क्षेत्रों में 13 फीसदी खाने की बर्बादी होती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हर साल उत्पादन होने वाले अनाज का 17 फीसदी बर्बाद हो जाता है। युनाइटेड नेशन की संस्था UNEP ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि अगर इस बर्बाद खाने से पूरी पृथ्वी को ढंका जाए तो इसके लिए 40 टन के 23 मिलियन ट्रक-बम्पर की ज़रूरत होगी।


साउथ एशियाई देशों में खाने की बर्बादी

साउथ एशियाई देशों की बात करें तो सबसे आगे इस्लामिक देश अफ़ग़ानिस्तान है जहां हर साल, हर आदमी 82 किलो खाना बर्बाद कर रहा है और यहां की 54.5 फीसदी आबादी ग़रीबी रेखा के नीचे है। इस लिस्ट में भारत सातवें स्थान पर है जहां हर साल प्रति व्यक्ति अनुमानित 50 किलो खाने की बर्बादी हो रही है और देश की करीब 23 फीसदी आबादी ग़रीबी रेखा के नीचे है।

साउथ एशियाई देशों में दूसरे स्थान पर भूटान है जहां हर साल अनुमानति 79 किलोग्राम खाना बर्बाद होता है और यहां की 8.2 फीसदी आबादी ग़रीबी रेखा के नीचे है। इनके अलावा नेपाल में 79 किलो, श्रीलंका में 76 किलो, पाकिस्तान में 74 किलो, माल्दीव्स में 71 किलो और बाग्लादेश में अनुमानित प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष 65 किलो खाने की बर्बादी हो रही है और यहां की 21.8 फीसदी आबादी ग़रीबी रेखा के नीचे है।

जी-7 देशों में खाने की बर्बादी

इसी तरह अगर जी-7 देशों की बात करें तो सबसे आगे फ्रांस है जहां प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष 85 किलो खाना बर्बाद हो जाता है। इस लिस्ट में अमेरिका सातवें स्थान पर जहां हर साल प्रति व्यक्ति 59 किलोग्राम खाना बर्बाद होता है। इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर कनाडा, तीसरे पर ब्रिटेन, चौथे पर जर्मनी, पांचवें पर इटली और छठे स्थान पर जापान है।

रिपोर्ट में इज़रइल और यूएई जैसे देश भी हैं जहां बड़े स्तर पर खाने की बर्बादी होती है। इज़रायल में 100 किलो तो यूएई में प्रति व्यक्ति अनुमानित 95 किलो खाना बर्बाद होता है। इसी तरह साउथ कोरिया में 71 किलो, चीन में 64 किलो और रूस में 33 किलो खाने की बर्बादी होती है।

आंकड़े बताते हैं कि दुनियाभर में सबसे ज़्यादा खाने की बर्बादी नाइजिरिया में होती है जहां की 40 फीसदी आबादी ग़रीबी रेखा के नीचे है। यहां हर साल प्रति व्यक्ति 189 किलो खाना बर्बाद होता है। दूसरे स्थान पर रवांडा है जहां हर साल प्रति व्यक्ति 164 किलो खाने की बर्बादी है। रवांडा की 39 फीसदी आबादी ग़रीबी रेखा के नीचे है। तीसरे स्थान पर ग्रीस, चौथे स्थान पर बहरीन और पांचवें स्थान पर माल्ता है।

दुनियाभर में एक तरफ बड़े स्तर पर खाने की बर्बादी हो रही और दूसरे तरफ बड़ी संख्या में लोग हर रोज़ भूखे सो जाते हैं। आंकड़े बताते हैं कि दुनिया की 8.9 फीसदी यानि करीब 69 करोड़ लोग हर रोज़ रात को भूखे सोने पर मज़बूर हैं।

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