सड़क हादसों से 'भारत' में 75% गरीब परिवार हुए और गरीब: विश्व बैंक की रिपोर्ट

by Siddharth Chaturvedi 7 months ago Views 2202

75% of poor families in India are getting more poo
क्या आपको पता है कि भारत में होने वाली सड़क दुर्घटनाएं हमें और गरीब बना रही हैं? सिर्फ गरीब ही नहीं बल्कि यह दुर्घटनाएं हमारे देश के एक बड़े तबके को मानसिक रोगी भी बना रही हैं। अगर सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश नहीं लगाया गया तो स्थितियां और विकराल होती चली जाएंगी। विश्व बैंक की रिपोर्ट 'ट्रैफिक क्रैश इंजरी एंड डिसेबिलिटी: दि बर्डन ऑन इंडियन सोसाइटी' में देश में होने वाली दुर्घटनाओं और उसके पड़ने वाले प्रभाव पर कई जानकारियां सामने आईं हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 75 प्रतिशत से अधिक गरीब परिवारों की आय में कमी का कारण सड़क दुर्घटना है। रिपोर्ट में बताया गया है कि सड़क दुर्घटना के चलते गरीब परिवारों को 7 महीने से ज़्यादा आय का नुकसान उठाना पड़ता है। वहीं, अमीर परिवार को एक महीने से कम की आमदनी का नुकसान होता है।


इस रिपोर्ट में एक और रोचक तथ्य सामने आता है आर वो यह कि विश्व में वाहनों का सिर्फ एक प्रतिशत ही भारत में है, लेकिन सड़क दुर्घटनाओं में 10 प्रतिशत मौतें इस देश में होती है।

विश्व बैंक की इस रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2005 से जुलाई 2019 के बीच हुए सड़क हादसों में शहरी इलाकों के 11.6 प्रतिशत परिवारों की तुलना में 44 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों में कम से कम एक मौत हुई है। सर्वे रिपोर्ट में बताया गया है कि सड़क हादसे के बाद 50 प्रतिशत महिलाएं अपनी परिवारिक आमदनी कम होने के चलते बुरी तरह प्रभावित हुई हैं और जितने भी ट्रक ड्राइवर सड़क हादसों का शिकार हुए थे, उनमें से किसी ने भी अस्पताल में इलाज के दौरान कैशलैस सुविधा के लिए आवेदन नहीं किया था।

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि सड़क दुर्घटना में मरने वाले या घायलों की बड़ी संख्या पैदल यात्री और साइकिल चालकों की थी जो गरीब परिवारों से आते थे। ये सभी अपने परिवार में कमाने वाले थे। अध्ययन में बताया गया है कि ग्रामीण इलाकों में सड़क हादसे के बाद कम आय वाले परिवारों के पीड़ित व्यक्ति के विकलांग होने का जोखिम दोगुना बढ़ जाता है।

वर्ल्ड बैंक की इस रिपोर्ट में सड़क हादसे के आर्थिक नुकसान के अलावा समाजिक नुकसान के बारे में भी बताया गया है। कम आय वाले करीब 64 प्रतिशत परिवारों ने बताया कि सड़क हादसे के बाद उनके जीवनस्तर में गिरावट आई है। 50 प्रतिशत से अधिक परिवारों ने बताया कि सड़क हादसे के बाद उन्हें डिप्रेशन का सामना करना पड़ा।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (2018) की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में पिछले दशक में सड़क हादसों में 13 लाख लोगों की मौतें हुई थी, जिसमें पांच लाख से ज्यादा लोग घायल हुए थे। विश्व स्वास्थ्य संगठन की 2018 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सड़क हादसों में हर दिन 400 से अधिक मौतें होती है, जो कि पूरे विश्व में सबसे ज़्यादा है।

वहीं इस रिपोर्ट में सड़क हादसों के पीड़ितों और उनके परिवारों को तुरंत आर्थिक, मेडिकल और कानूनी सहायता प्रदान करने की सिफारिश की गई है, जिससे वे जल्द से जल्द ठीक हो सकें।

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