75% भारतीय नौकरी बदलने को लेकर परेशान, कोविड ने बड़े पैमाने पर महिलाओं को किया बेरोज़गार

by Rahul Gautam 1 year ago Views 1570

75% Indians worried about changing their jobs and
COVID-19 महामारी से कई उद्योगों को भारी नुकसान हुआ है। लाखों लोगों ने अपनी नौकरी खो दी है, और अर्थव्यवस्था को दोबारा खड़ा करना सरकार के लिए चालू वित्त वर्ष की सबसे बड़ी आर्थिक चुनौती होने जा रही है। ज़ाहिर है इससे रोजी-रोटी का सवाल पैदा हो गया है। हाल में ही मशहूर वेबसाइट 'लिंकडिन' ने नौकरियों को लेकर एक ऑनलाइन सर्वे कराया था जिसके नतीजे काफी चौकाने वाले है। मसलन हर 4 में 3 भारतीय तुरंत नौकरी बदलने या अगले 12 महीनों में नौकरी बदलने की कोशिश कर रहे है। इस सर्वे के मुताबिक नौकरी ढूँढने वाले हर 5 में से 2 लोगों का मानना है कि अगली नौकरी के लिए अब ऑनलाइन दक्षता सबसे ज्यादा ज़रूरी होगी।

इस रिपोर्ट से पता चलता है कि भारतीय पेशेवर लोगों के बीच अनिश्चितता और चिंता की भावना फैली हुई है क्योंकि 2021 में नौकरी मिलने में परेशानी और प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। भारत में एक-तिहाई से अधिक (38%) नौकरी तलाशने वाले, चयन प्रक्रिया के बहुत सारे चरणों के बारे में चिंतित हैं। इसके बाद 32 फीसदी कंपनियों की तरफ से देर से आने वाले जवाब जबकि 4 में 3 यानी लगभग 75% पेशेवरों का कहना है कि उनके पास कॉन्टेक्ट्स या नेटवर्किंग की कमी है।


इस अनिश्चितता के बावजूद, भारत  3 में से 2 (64%) पेशेवरों का कहना है कि वे अपने भविष्य की प्रगति के बारे में आश्वस्त हैं, जबकि  5 में से 2 लोगो का कहना है कि वे अब अपना दायरा बड़ा करने पर ध्यान दे रहे हैं और लगभग 37 फीसदी लोगो का कहना है की वे ऑनलाइन स्किल्स सुधारने पर ज़ोर दे रहे हैं।

सर्वे में सबसे चौकाने वाली बात निकल कर आई है बड़े पैमाने पर महिलाओं की नौकरी जाना।  नौकरी छूटने के मामले में महिलाओं का 52 प्रतिशत हिस्सा है जबकि भारत के वर्कफोर्स  में केवल 11 प्रतिशत महिलाएँ हैं। स्पष्ट रूप से COVID ने समाज के किसी भी अन्य वर्ग की तुलना में कामकाजी महिलाओं को अधिक चोट पहुँचाई है। इसी तरह, शहरी भारत, जिसमें कुल रोजगार का 32 प्रतिशत हिस्सा है, वहा 34 प्रतिशत रोजगार की हानि हुई है।

आसान भाषा में कहें तो दुनिया की तरह भारत की भी गाड़ी आर्थिक ट्रैक से डिरेल हो चुकी है। इससे पहले देश के सबसे बैंक स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ने भी एक रिपोर्ट में यह साफ किया था कि जीडीपी के कोविड पूर्व स्तर तक पहुंचने में लंबा वक्त लगेगा। एसबीआई की रिपोर्ट में कहा गया है  कि जीडीपी के कोरोना वायरस महामारी से पूर्व के स्तर पर दोबारा पहुंचने में वित्त वर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही से भी 7 तिमाही आगे का वक्त यानी क़रीब पौने तीन साल लग सकता है।

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