61 फ़ीसदी भारतीय छात्रों का विदेश में पढ़ाई का सपना टूटा: रिपोर्ट

by Siddharth Chaturvedi 1 year ago Views 3843

61% of Indian students' dream of studying abroad b
हर साल विदेश जाकर उच्च शिक्षा लेने वाले लाखों भारतीय छात्रों के सपने कोरोना महामारी के चलते टूट गए हैं. 61 फ़ीसदी भारतीय छात्रों ने विदेश में पढ़ाई करने का फैसला एक साल के लिए टाल दिया है. वहीं आठ फ़ीसदी छात्र ऐेसे हैं जो पढ़ाई के लिए जिस देश में जाने वाले थे, उसे छोड़कर दूसरे देश का रुख़ कर रहे हैं. वहीं सात फ़ीसदी छात्रों ने विदेश में पढ़ाई करने का इरादा पूरी तरह छोड़ दिया है.

यह अध्ययन ब्रिटिश एजेंसी क्वैकरेली साइमंड्स ने किया है जो हर साल दुनियाभर के विश्वविद्यालयों की रैंकिंग जारी करती है. एजेंसी ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों के बीच एक सर्वे करवाकर पूछा कि कोरोना महामारी ने उनकी पढ़ाई पर क्या और किस तरह असर डाला है. इस सर्वे में 11 अगस्त तक लगभग 67 हज़ार स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया जिनमें से 11 हज़ार 310 स्टूडेंट्स भारतीय थे.


इनमें से तकरीबन 48 फ़ीसदी भारतीय छात्रों ने कहा है कि वे अपने कोर्सों की पढ़ाई ऑनलाइन नहीं करना चाहते जो कोरोना महामारी के चलते हो गया है. सिर्फ 17 फ़ीसदी भारतीय छात्रों ने कहा कि वे अपनी पढ़ाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं. सर्वे में 82 फ़ीसदी छात्रों ने कहा कि जब उनकी पढ़ाई ऑनलाइन हो गई है तो विश्वविद्यालयों को ट्यूशन फ़ीस में कटौती करना चाहिए.

दुनियाभर के विश्वविद्यालयों में पढ़ाई के लिए सबसे ज़्यादा चीनी छात्र पहुंचते हैं जबकि दूसरे नंबर पर भारतीय छात्र हैं. विदेश मंत्रालय के मुताबिक जुलाई 2018 तक 7 लाख 53 हज़ार भारतीय छात्र विदेशों में पढ़ाई कर रहे थे. मगर कोरोना महामारी के चलते लगी पाबंदियों से उनकी उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा है.

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