दिल्ली एम्स में 5 हज़ार नर्सिंग स्टाफ़ हड़ताल पर, छठाँ वेतन आयोग लागू करने की माँग

by Ankush Choubey 10 months ago Views 1230

एम्स प्रांगण में हज़ारों की तादाद में मंगलवार सुबह से ही नर्सों का ताता लगा रहा। इस दौरान उन्होंने जमकर नारेबाजी भी की।

5000 AIIMS nursing staff on strike in Delhi AIIMS,
कोरोना और कड़ाके की ठंड के बावजूद दिल्ली बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के बाद अब दिल्ली में देश के सबसे बड़े अस्पताल एम्स के 5000 से ज्यादा नर्सिंग कर्मचारी भी सोमवार शाम को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये।नर्सों के हड़ताल पर जाने से अस्पताल में भर्ती मरीजों की परेशानी बढ़ गई है।

उनकी शिकायत है कि हड़ताल की वजह से इलाज नहीं हो पा रहा है। नर्सिंग स्टाफ की मांग में छठे केंद्रीय वेतन आयोग की अनुशंसा को लागू करना और अनुबंध पर भर्ती खत्म करना मुख्य रूप से शामिल हो।


एम्स प्रांगण में हज़ारों की तादाद में मंगलवार सुबह से ही नर्सों का ताता लगा रहा। इस दौरान उन्होंने जमकर नारेबाजी भी की।

इस बीच एम्स के डॉ निदेशक रणदीप गुलेरिया ने सोमवार देर शाम जारी आदेश में स्पष्ट कहा कि अगर किसी कर्मचारी ने मरीज के इलाज में बाधा डाली तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए दिल्ली पुलिस को पत्र लिख अतिरिक्त पुलिसबल तैनात करने की अपील की गई है। वहीँ ऐम्स नर्स यूनियन के अध्यक्ष हरीश कुमार काजला ने बताया कि एम्स के नर्सिंग कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर कभी निदेशक तो कभी स्वास्थ्य मंत्री से अपील कर रहे हैं।

हमने एम्स प्रशासन को एक महीने पहले नोटिस दिया था, फिर भी हमें मिलने के लिए नहीं बुलाया गया। कुछ समय पहले स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई बैठक में एम्स के निदेशक भी मौजूद थे। उस वक्त सभी मांगों को स्वीकार कर लिया गया लेकिन अब तक उन  पर अमल नहीं किया जा सका। वहीं ऐम्स प्रशासन द्वारा पुलिसिया करवाई की दी गई धमकी पर हरीश कुमार काजला ने कहा है कि कानून नर्सों के लिए भी है और ऐसे धमकी देने से पहले उन्हें सोचना चाहिए था।

इस बीच एम्स प्रबंधन ने नर्सों की हड़ताल के चलते मरीजों की सेवा में किसी भी प्रकार की रुकावट न आने के लिए अतिरिक्त स्टाफ को तैनात किया है। सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अपने विभाग में कार्यरत रेजीडेंट डॉक्टर, एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्र और बीएससी नर्सिंग के छात्रों की ड्यूटी लगाएं। वहीँ नर्सिंग यूनियन ने आरोप लगाया है कि हड़ताल को लेकर प्रबंधन ने बाहर से ठेके पर कर्मचारियों को तैनात कर दिया है ताकि यह संदेश बाहर जा सके कि यूनियन की हड़ताल बेअसर है।  लेकिन नर्स यूनियन ने साफ़ कहा है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता तब तक वह अपनी हड़ताल खत्म नहीं करेंगे।

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