राज्यों को सप्लाई किए गए 11 करोड़ वैक्सीन के डोज़, आरटीआई से बर्बादी का खुलासा

by M. Nuruddin 1 year ago Views 2129

रिपोर्ट में किन राज्यों ने कितने वैक्सीन का इस्तेमाल किया है, इस बात का भी ज़िक्र है...

4.6 million doses of COVID-19 vaccine were wast, 1
वैक्सीन की किल्लत पर चौतरफा घिरी केन्द्र की सरकार ने इसके सप्लाई को लेकर एक रिपोर्ट जारी किया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 14 अप्रैल तक राज्यों को 11 करोड़ 70 लाख वैक्सीन की सप्लाई की गई है। इनमें संख्या के हिसाब से सबसे ज़्यादा वैक्सीन महाराष्ट्र को सप्लाई की गई लेकिन प्रति व्यक्ति सबसे ज़्यादा वैक्सीन गुजरात को भेजा गया है। रिपोर्ट में किन राज्यों ने कितने वैक्सीन का इस्तेमाल किया है, इस बात का भी ज़िक्र है।

आंकड़े देखें तो पांच राज्यों महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और पश्चिम बंगाल राज्यों में छ: करोड़ 13 लाख 24 हज़ार 280 वैक्सीन के डोज़ भेजे गए हैं। जो राज्यों को किए गए कुल वैक्सीन सप्लाई का लगभग आधा है। इनमें महाराष्ट्र को एक करोड़ 36 लाख 62 हज़ार 470 वैक्सीन के डोज़ भेजे गए। इनमें राज्य सरकार ने एक करोड़ 29 लाख 16 हज़ार 343 वैक्सीन का इस्तेमाल किया। जबकि 14 अप्रैल तक सात लाख 46 हज़ार 127 वैक्सीन के डोज़ स्ट्रॉक में थे। 


इसी तरह उत्तर प्रदेश में एक करोड़ 26 लाख 96 हज़ार 780 वैक्सीन की सप्लाई हुई। राज्य सरकार ने एक करोड़ 15 लाख 16 हज़ार 695 वैक्सीन का इस्तेमाल किया जबकि 14 अप्रैल तक राज्य के पास 11 लाख 80 हज़ार 85 वैक्सीन के डोज़ स्ट्रॉक में थे। वैक्सीन सप्लाई में महाराष्ट्र के बाद संख्या के हिसाब से राजस्थान है जहां सबसे ज़्यादा एक करोड़ 27 लाख 62 हज़ार 360 वैक्सीन के डोज़ भेजे गए। राज्य सरकार ने एक करोड़ 22 लाख 7 हज़ार 809 वैक्सीन का इस्तेमाल किया है जबकि पांच लाख 54 हज़ार 551 वैक्सीन के डोज़ स्ट्रॉक में थे।

इसी तरह गुजरात में केन्द्र सरकार की तरफ से एक करोड़ 21 लाख 19 हज़ार 330 वैक्सीन के डोज़ भेजे गए। इनमें राज्य सरकार ने एक करोड़ 9 लाख 94 हज़ार 650 वैक्सीन का इस्तेमाल किया जबकि रिपोर्ट जारी करने तक राज्य सरकार के पास 11 लाख 24 हज़ार 680 वैक्सीन के डोज़ स्ट्रॉक में थे। पश्चिम बंगाल को केन्द्र की तरफ से एक करोड़ 83 हज़ार 340 वैक्सीन की सप्लाई की गई। जबकि राज्य सरकार ने 95 लाख 20 हज़ार 355 वैक्सीन का इस्तेमाल किया और पांच लाख 62 हज़ार 985 वैक्सीन के डोज़ स्ट्रॉक में थे। 

इस बीच एक आरटीआई से यह भी खुलासा हुआ कि राज्यों ने 44 लाख वैक्सीन के डोज़ बर्बाद कर दिए। सबसे ज़्यादा वैक्सीन की बर्बादी तमिलनाडु में हुई। बताया गया है कि तमिलनाडु को 55 लाख 28 हज़ार 950 वैक्सीन के डोज़ भेजे गए थे और इसमें राज्य सरकार ने 12.19 फीसदी वैक्सीन बर्बाद कर दिए। इसी तरह हरियाणा में 9.74 फीसदी, पंजाब में 8.12 फीसदी, मणिपुर में 7.8 फीसदी और तेलंगाना में 7.55 फीसदी वैक्सीन की बर्बादी हुई। 

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दमन और दीव, गोवा, हिमाचल प्रदेश, केरल, लक्षद्वीप, मिजोरम और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में अन्य राज्यों के मुक़ाबले वैक्सीन की बर्बादी कम हुई है।

ग़ौरतलब है कि केन्द्र सरकार ने वैक्सीन की फ्यूचर आपूर्ति को ध्यान में रखकर सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक जैसी वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों के लिए 4,500 करोड़ रूपये के अडवांस भुगतान को मंज़ूरी दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ सीरम इंस्टीट्यूट की मांग के मुताबिक़ कंपनी से तीन हज़ार करोड़ रूपये की लागत से थोक वैक्सीन की आपूर्ति की गई। इसी तरह भारत बायोटेक से 1500 करोड़ की लागत से फ्यूचर में वैक्सीन आपूर्ति की योजना है।

ताज़ा वीडियो