देश की जेलों और पुलिस कस्टडी में रोज़ाना मरते हैं 4 लोग, यूपी-एमपी सबसे आगे : गृह मंत्रालय

by Rahul Gautam 1 year ago Views 1377

4 people die daily in police custody in india's ja
देश के कई राज्यों की पुलिस बर्बरता के चलते अक्सर सवालो में रहती है। अब लोकसभा में सरकार ने माना है देश में 1 अप्रैल 2019 से लेकर 31 मार्च 2020 तक ही पुलिस हिरासत और जेलों में 1697 मौतों के मामले दर्ज़ हो चुके है। आसान भाषा में कहे तो रोज़ाना 4 लोगो की मौत पुलिस कस्टडी और जेल में हो रही है जिसके बाद दोषी पुलिसवालो के खिलाफ मुक़दमे दर्ज़ हो रहे है।

इस लापरवाही और क्रूरता में सबसे अव्वल है उत्तर प्रदेश जहा बीते एक वर्ष में पुलिस हिरासत और जेलों में 403 मौते हुई है। ध्यान रहे, ये वही राज्य है जहा की मौजूदा बीजेपी सरकार कानून व्यवस्था पर ही चुनकर आयी थी। यूपी के बाद नंबर आता है मध्य प्रदेश का जहा ऐसे 157 मामले दर्ज़ हुए, उसके बाद 122 मामले पश्चिम बंगाल में, 110 मामले बिहार में और 99 मामले पंजाब में दर्ज़ हुए।


इसके अलावा देश में कई कथित फ़र्ज़ी एनकाउंटर के मामले भी दर्ज़ किये गए। मसलन देश में 1 अप्रैल 2019 से लेकर 31 मार्च 2020 तक एनकाउंटरो में हुई 112 मौतों को लेकर मामले दर्ज़ किये गए है । इसमें सबसे ज्यादा आगे था नक्सल प्रवाभित छत्तीसगढ़ जहा 39 मामले दर्ज़ किये गए, उसके बाद उत्तर प्रदेश में 26 मामले, 5 मामले बिहार में, 4 मामले तेलंगाना में और 3 मामले महाराष्ट्र में दर्ज़ हुए।

गृह मंत्रालय के मुताबिक इन सभी मामलो में अबतक नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन ने किसी पुलिस वाले के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश नहीं दिया है। हालांकि, कमीशन ने जेल और पुलिस हिरासत में हुई मौतों के लिए 4.44 करोड़ और एनकाउंटर में हुई मौतों के लिए 88 लाख रुपए देने के लिए सिफारिश की है।

ज़ाहिर है ऐसे सभी मामलो और मौतों से आम जनता का भरोसा पुलिस प्रशासन से टूटता है। ऐसे में सरकार को चाहिए की आमजन की सुरक्षा पुख्ता करे और इन सभी मौतों के लिए परिवार को इन्साफ दिलाये।

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