गौतम अडानी के 1000 करोड़ के मुक़ाबले दिन का 375 रूपये कमा रहे देश के 23 करोड़ लोग !

by M. Nuruddin 9 months ago Views 1580

भारतीय अरबपतियों की संपत्ति लॉकडाउन के दौरान 35 फीसदी और 2009 से 90 फीसदी बढ़कर 422.9 अरब डॉलर पर पहुँच गई...

23 crore people of the country earning Rs 375 per
देश के अमीरों की संपत्ति में बेतहाशा बढ़ोत्तरी हुई। आईआईएफएल वेल्थ-हुरण इंडिया की नई रिच लिस्ट से पता चला है कि देश में अमीरों की संचयी संपत्ति में 51 फीसदी का इज़ाफा हुआ है जबकि अमीरों की औसत संपत्ति 25 फीसदी बढ़ी है।

हालांकि इस दौरान देश में ग़रीबों की संख्या भी बढ़ी है जो दिन का 375 रूपये ही कमा रहे हैं जबकि दूसरी तरफ अरबपतियों की प्रति दिन की कमाई एक हज़ार करोड़ रूपये तक है।


गौतम अडानी के पास 5 लाख करोड़ की संपत्ति

मसलन जिस रफ्तार से देश में अमीरों की संपत्तियां बढ़ी उससे कई ज़्यादा रफ्तार से देश में ग़रीबों की संख्या और ग़रीबी बढ़ी है। गुजरात के गौतम अडानी की संपत्ति में बेतहाशा बढ़त देखी गई है। रिच लिस्ट में गौतम अडानी दूसरे स्थान पर हैं और पिछले साल के दौरान उनकी प्रति दिन की कमाई एक हज़ार करोड़ रूपये रही। रिपोर्ट के मुताबिक़ गौतम अडानी के पास 5.05 लाख करोड़ रूपये की संपत्ति है।

अडानी समूंह का संयुक्त बाज़ार पूंजीकरण 9 लाख करोड़ रूपये है। रिपोर्ट के मुताबिक़ अडानी पॉवर लिमिटेड को छोड़ सूचीबद्ध कंपनियों का बाज़ार मूल्य एक लाख करोड़ रूपये है। गौतम अडानी ऐसे पहले अरबपति हैं जिनके पास एक नहीं बल्कि एक लाख करोड़ मूल्य की पांच कंपनियां हैं।

रिच लिस्ट में मुकेश अंबानी टॉप पर बरक़रार

इनका अलावा रिच लिस्ट में पहले स्थान पर हमेशा की तरह मुकेश अंबानी बरक़रार हैं। इनकी संपत्ति में 9 फीसदी का इज़ाफा हुआ है। उनकी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज़ का मार्केट कैप 15 लाख करोड़ रूपये हो गया है। दुनिया की 500 वैलुएबल कंपनियों की लिस्ट में रिलायंस इडस्ट्रीज़ का 57वां स्थान है।

रिच लिस्ट में टॉप 10 में कुछ अन्य बड़े नाम भी शामिल हैं जिनकी संपत्ति 67-220 फीसदी तक बढ़ी है। रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत में 237 अरबपति हैं, जिनमें पिछले साल के मुक़ाबले 58 नए अरबपति बने हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में 1,007 लोगों के पास एक हज़ार करोड़ की संपत्ति है।

आईआईएफएल की इस रिच लिस्ट महामारी के दौरान 2020 में अमीरों की कंपनियों और उनके संपत्तियों में हुए इज़ाफे की जानकारी दी गई है। विषमता की भयावहता को देखते हुए यह बात अरसे से कही जा रही है कि भारत में दो देश बसते है और 2020 ने इसे सच ही साबित किया है। भारतीय इतिहास में ऐसा पहली बार है जब भारतीय अमीरों ने प्रति दिन अपनी संपत्ति में संचयी रूप से 2020 करोड़ रूपये जोड़े।

महामारी में अमीर और अमीर, ग़रीब और ग़रीब हुए

कोरोना महामारी रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन में न जाने कितने उद्योग-धंधे बंद भी हो गए। इसका असर यह हुआ कि करोड़ों लोगों के सामने रोजगार के संकट पैदा हो गए। गोन्यूज़ ने आपको पहले भी बताया था कि महामारी के दौरान जब देश में ग़रीब दो वक्त की रोटी को तरस रहे थे, ठीक उसी समय देश के अरबपति मोटी चांदी काट रहे थे।

गोन्यूज़ ने आपको ऑक्सफैम की एक रिपोर्ट के हवाले से बताया था कि महामारी को क़ाबू करने के लिए मार्च महीने में लगाए गए लॉकडाउन से लेकर महामारी की पहली लहर के क़ाबू होने तक देश के अरबपतियों ने 12 लाख 97 हज़ार 822 करोड़ रुपये की कमाई की थी। यह इतनी रक़म है कि अगर देश के 13.8 करोड़ अत्यंत ग़रीब भारतीयों में बांटा जाए तो प्रति व्यक्ति 94,045 रुपये दिये जा सकते थे।

ऑक्सफैम ने बताया था कि भारतीय अरबपतियों की संपत्ति लॉकडाउन के दौरान 35 फीसदी और 2009 से 90 फीसदी बढ़कर 422.9 अरब डॉलर पर पहुँच गई।

दूसरी तरफ लॉकडाउन की वजह से देश की अर्थव्यवस्था पर और लोगों की आजिविका पर ताला लग गया था। इस वजह से पिछले एक साल के दौरान 23 करोड़ लोग ग़रीब हो गए। मई महीने में आए अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी की एक रिपोर्ट में बताया गया कि शहरी ग़रीबी दर में 20 फीसदी और ग्रमीण ग़रीबी दर में 15 फीसदी की बढ़ोत्तरी देखी गई।

आपको बता दें कि महामारी में ग़रीबी की चपेट में आए 23 करोड़ ग़रीबों की प्रति दिन की आय गौतम अडानी के प्रति दिन की आय एक हज़ार करोड़ के मुक़ाबले 375 रूपये है।

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