2020 एयरलाइन इंडस्ट्री के लिए सबसे ख़राब साल साबित - IATA

by M. Nuruddin 10 months ago Views 1492

2020 worst year for airline industry: IATA
कोरोनावायरस संक्रमण को क़ाबू करने के लिए लगाए गए लॉकडाउन में ट्रैवल बैन की वजह से एयरलाइन कंपनियों को बड़ा नुक़सान हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया है कि एयरलाइन कंपनियों के लिए साल 2020 सबसे ख़राब साल रहा। रिपोर्ट के मुताबिक़ साल 2020 में 1.8 अरब यात्रियों ने उड़ान भरी जो उससे पहले 2019 में 4.5 अरब यात्रियों की तुलना में 60 फीसदी कम है।

रेवेन्यू पैसेंजर किलोमीटर में मापी गई इंडस्ट्री-वाइड एयर ट्रैवल डिमांड में करीब 66 फीसदी की गिरावट देखी गई है। इनके अलावा 2019 की तुलना में इंटरनेश्नल पैसेंजर डिमांड 75.6 फीसदी घट गया है। डोमेस्टिक पैसेंजर डिमांड में भी पहले की तुलना में 48.8 फीसदी की गिरावट देखी गई है।


रिपोर्ट के मुताबिक़ साल 2020 में कुल उद्योग यात्री राजस्व 69 प्रतिशत गिरकर 189 बिलियन डॉलर पर आ गया, और कुल घाटा 126.4 बिलियन डॉलर आंकी गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 1950 के बाद से इंटरनेश्नल पैसेंजर डिमांड में यह सबसे बड़ी गिरावट है।   

उन्होंने बताया कि, ‘एक मिलियन नॉकरियां चली गईं और पूरे साल में उद्योग को कुल 126 बिलियन डॉलर का नुक़सान हुआ।’

रिपोर्ट में बताया गया है कि मिडिल ईस्ट के देशों में एयर ट्रैवल बैन से सबसे ज़्यादा नुक़सान हुआ है। मसलन मिडिल ईस्ट में साल 2019 की तुलना में इंटरनेश्नल पैसेंजर डिमांड 71.5 फीसदी घटा है। जबकि यूरोप में करीब 70 फीसदी और अफ्रीकाई देशों में 68.5 फीसदी की गिरावट देखी गई।

आईएटीए की रिपोर्ट के मुताबिक़ एशिया पैसिफिक में 780.7 मिलियन यात्रियों ने उड़ान भरी जो साल 2019 की तुलना में 53.4 फीसदी कम है।

हालांकि इस दौरान कार्गो ट्रांसपोर्टेशन का काम जारी रहा और इस वजह से इसमें कुछ बढ़ोत्तरी भी देखी गई है। इस दौरान एक दूसरे देशों ने वैक्सीन, पीपीई किट और अन्य ज़रूरी मेडिकल इक्वीपमेंट का आदान प्रदान जारी रखा।

इंडस्ट्री वाइड कार्गो टन किलोमीटर साल 2020 में साल-दर-साल स्तर पर 21.4 फीसदी की गिरावट आई है। हालांकि इंडस्ट्री वाइड कार्गो लोड फैक्टर 7 फीसदी बढ़ा है और इसके साथ ही यह 53.8 फीसदी पर पहुंच गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक़ कार्गो मांग में वार्षिक गिरावट 2009 में ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस के बाद सबसे बड़ी है, जो 2020 में सालाना आधार पर 9.7 फीसदी रही थी।

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