भारतीयों की घर वापसी के लिए ये चार मंत्री भेजे जाएंगे यूक्रेन के पड़ोसी देश

by GoNews Desk 2 years ago Views 2424

These four ministers will be sent to the neighbori
सोमवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन संकट को लेकर एक बैठक भी की है जिसमें चार मंत्रियों को यक्रेन के पड़ोसी देशों में भेजने का फैसला किया गया है। 

इनमें पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी (हंगरी), क़ानून और न्याय मंत्री किरेन रिजजू (स्लोवाकिया), नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (रोमानिया, माल्दोवा), और सड़क परिवहन और राजमार्ग और नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह (पोलैंड) हैं शामिल हैं।


चार मंत्रियों के अलावा सोमवार को हुई बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, पीएम के प्रधान सचिव पीके मिश्रा, कैबिनेट सचिव राजीव गौबा, विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला और अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने मीटिंग में हिस्सा लिया।

यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद बड़ी संख्या में भारतीय जिसमें ज़्यादातर स्टूडेंट्स हैं, यूक्रेन के अलग-अलग युद्धग्रस्त शहरों में फंस गए हैं।

सोमवार को एयर इंडिया की पांचवीं रेस्क्यू फ्लाइट 249 भारतीय को लेकर रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट से भारत लौटा है। भारत फिलहाल रोमानिया और हंगरी के लिए रेस्क्यु फ्लाइट संचालित कर रहा है।

हालांकि बड़ी संख्या में भारतीय पोलेंड भी शरण के लिए पहुंचे हैं जहां से उन्हें भारत लाया जा सकता है। एक अन्य रेस्क्यु फ्लाइट आज दिल्ली में लैंड कर सकती है। एयर इंडिया ने पांच उड़ानों में अबतक 1,156 भारतीय को रेस्क्यु किया है।

एयर इंडिया के अलावा, इंडिगो और स्पाइसजेट को भी रेस्क्यु ऑपरेशन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इंडिगो अपनी उड़ानें सोमवार और मंगलवार को संचालित कर सकता है। विमान पहले तुर्की की राजधानी इस्तांबुल और फिर हंगारी की राजधानी बुडापेस्ट पहुंचेगी और उसी रास्ते दिल्ली लौटेगी।

वहीं स्पाइसजेट की फ्लाइट्स भी बुडापेस्ट के लिए उड़ान भरेगी और यह विमान 28 फरवरी को सीधा बुडापेस्ट पहुंचेगी। और वापसी की उड़ान जॉर्जिया में कुटैसी से संचालित होगी और 2 मार्च को दिल्ली पहुंचेगी।

सोशल मीडिया पर कई वीडियो में देखा जा सकता है कि भारतीय स्टूडेंट्स यूक्रेन की सीमा की तरफ पहुंच रहे हैं। उन्हें पोलेंड की सीमा में घुसने से मना कर दिया गया है।

केन्द्र सरकर ने यह माना है कि पोलैंड के साथ डिप्लोमेटिक मसले की वजह से भारतीय को देश में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। कुछ वीडियो में यूक्रेनी अधिकारियों के साथ भारतीय की झड़प भी देखी जा सकती है। यूक्रेन से बाहर निकलने वाले स्टूडेंट्स बता रहे हैं कि बड़ी संख्या में भारतीय शून्य तापमान में फंसे हुए हैं और उनके पास खाने-पीने की व्यवस्था भी नहीं है।

ताज़ा वीडियो