सुरक्षा के हंगामे के बीच जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों से वापस ली गई SSG सुरक्षा

by GoNews Desk Edited by M. Nuruddin 1 year ago Views 2090

SSG security withdrawn from former Chief Ministers
देश में सुरक्षा को लेकर मचे घमासान के बीच जम्मू-कश्मीर के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों से स्पेशल सर्विस ग्रुप (एसएसजी) सुरक्षा केन्द्र ने वापस लेने का फैसला किया है।

यह कदम Jammu and Kashmir Reorganization (Adaptation of State Laws) Order, 2020 के तहत 31 मार्च, 2020 को तत्कालीन जम्मू और कश्मीर प्रशासन के विशेष सुरक्षा समूह अधिनियम में संशोधन के 19 महीने बाद जारी किया गया है।


इस संशोधन के तहत पूर्व मुख्यमंत्रियों और उनके परिवारों को एसएसजी सुरक्षा देने वाली धारा को हटा दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक़ Security Review Coordination Committee ने यह फैसला किया है, जो जम्मू-कश्मीर में महत्वपूर्ण नेताओं के ख़तरे की धारणा की देखरेख करता है।

एसएसजी की सुरक्षा जम्मू-कश्मीर के चार पूर्व मुख्यमंत्रियों फारूक अब्दुल्ला, ग़ुलाम नबी आजाद, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती और उनके परिवार को दी गई थी। इन पूर्व मुख्यमंत्रियों से ऐसे समय में सुरक्षा वापस ली गई है जब देश में सुरक्षा को लेकर हंगामा खड़ा है।

ग़ुलाम नबी आज़ाद को छोड़ तीन पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती श्रीनगर में रहते हैं जहां पिछले दिनों कई हमले हुए हैं जो पाकिस्तान सीमा के नज़दीक है। आए दिन जम्मू-कश्मीर में हमलों की ख़बरें आम हैं।

हालांकि फारुक़ अब्दुल्ला और ग़ुलाम नबी आज़ाद की सुरक्षा के लिए नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) तैनात रहेंगे जिन्हें ब्लैक कमांडो भी कहा जाता है। एनएसजी की तैनाती Z+ सुरक्षा के तहत की जाती है जिसमें दस जवान शामिल होते हैं।

उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ति को जम्मू-कश्मीर में Z+ की सुरक्षा मिलेगी लेकिन केन्द्रशासित प्रदेश के बाहर उनकी सुरक्षा कम किए जाने की संभावना है। Z+ सुरक्षा में 55 जवान होते हैं जिनमें एनएसजी और पुलिस बल भी शामिल हैं। जबकि इन दो पूर्व मुख्यमंत्रियों की सुरक्षा से एनसजी को वापस ले लिया गया है।

अधिकारियों ने कहा कि इन नेताओं को ज़िला पुलिस के साथ-साथ ख़तरे के आकलन के आधार पर सुरक्षा विंग द्वारा सुरक्षा प्रदान की जाएगी। द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक़ अधिकारियों ने बताया कि शेष एसपीजी कर्मियों को अन्य विंग में तैनात किए जाने की संभावना है। सुरक्षा से जुड़ी वाहनों और अन्य गैजेट्स को जम्मू-कश्मीर पुलिस के सुरक्षा विंग को स्थानांतरित कर दिया जाएगा।

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