रेलवे ने पंजाब में केवल मालगाड़ी सेवाओं को फिर से शुरू करने की मांग ठुकराई

by Siddharth Chaturvedi 3 years ago Views 3821

Railways rejects demand to restart only freight tr
केंद्र सरकार द्वारा लाए गए विवादित कृषि क़ानून के ख़िलाफ़ पंजाब में किसानों का विरोध-प्रदर्शन लगातार 40वें दिन भी जारी है। राज्य के लुधियाना, पटियाला, अमृतसर, जालंधर सहित कई जिलों में किसान संगठनों के बंद का व्यापक असर देखने को मिल रहा है।

खेतीबाड़ी से जुड़े सड़कों पर जमे हुए हैं और रोष प्रदर्शन से आम जनजीवन प्रवाभित हो रहा है। नाकाबंदी ने उद्योग को भारी झटका दिया है, अकेले कपड़ा  उद्योग को 8500 करोड़ रुपये के नुक्सान की आशंका है। वहीं मंडी गोबिंदगढ़ में स्टील फ़ैक्ट्रीयों की भी हालत पस्त होने लगी है।


इसके अलावा पंजाब में रेल सेवा और मालगाड़ियों के संचालन को लेकर राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच तनातनी जारी है। पंजाब सरकार और किसान लगातार कह रहे हैं की रेलवे ट्रैक खाली हो चुके हैं और मालगाड़ी सेवाएं तुरंत शुरू होनी चाहिए क्यूंकि राज्य में कई ज़रूरी चीज़ो की कमी होने लगी है। लेकिन रेलवे ने केवल मालगाड़ी सेवाओं को फिर से शुरू करने की मांग को ठुकरा दिया है और कहा है की या तो माल और यात्री ट्रैन दोनों संचालित होगी या कोई भी नहीं।

रेलवे के मुताबिक आंदोलनकारी किसानों ने रेल परिसर, प्लेटफॉर्म और रेलवे ट्रैक समेत कई जगहों पर डेरा डाल रखा है जिसकी वजह से ट्रेनों का संचालन नहीं हो पा रहा है और साथ ही माल की सुरक्षा के साथ कोताई नहीं बरती जा सकती । दरअसल, पंजाब में रेल सेवा और मालगाड़ियां का संचालन 24 सितंबर से ही बाधित है और इससे पूरे सूबे को काफ़ी नुक़सान झेलना पड़ रहा है।

लगातार जारी बंद से राज्य के बिजलीघरों में उत्पादन बाधित है। दरअसल, 24 सितंबर से रेल सेवा बाधित होने के कारण प्रदेश में कोयले की आपूर्ती नहीं हो रही है और यह आशंका जताई जा रही है की अगर हालात जल्द नहीं सुधरे तो बहुत जल्द पूरे पंजाब में ब्लैकआउट हो सकता है।

इस सब का पंजाब की अर्थव्यवस्था पर भी काफ़ी ज़्यादा बुरा असर पड़ रहा है। पंजाब सरकार के प्राइवेट बिजलीघरों से रोज़ाना करीब 5 से 10 करोड़ रुपये की अतिरिक्त बिजली खरीदनी पड़ रही है। एक अनुमान के मुताबिक़ राज्य को किसान आंदोलन से 40 हज़ार करोड़ से ज़्यादा का नुक़सान हो चुका है।

बता दें कि किसान संगठनों ने हाल में पारित कृषि कानूनों के खिलाफ रेलवे पटरियों एवं स्टेशन परिसरों में प्रदर्शन शुरू किया था, जिसकी वजह से 24 सितंबर से ही रेल सेवा बाधित है।

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