पंजाब, हरियाणा में किसानों का चक्का जाम, अब दिल्ली कूच की तैयारी

by Ankush Choubey 3 years ago Views 2512

Farmers on the road in Punjab, Haryana against the
किसान बिल के ख़िलाफ़ पंजाब के अमृतसर और हरियाणा के रोहतक में किसानों ने शनिवार को जमकर प्रदर्शन किया. अमृतसर में किसानों ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर जबरन खेती से जुड़े क़ानूनों को जबरन लागू किया गया, तो इसकी किसी हालत में पालना नहीं की जाएगी। अपना गुस्सा दर्ज़ कराने के लिए किसान अपने हाथों में कृपाण लेकर सड़कों पर उतरे और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की. किसानों ने जगह-जगह सडको को भी जाम किया जिससे आम-जनजीवन प्रवाभित हुआ। किसान और उनसे जुड़े संगठन खेती बाड़ी से जुड़े हाल में ही पारित हुए 3 बिलो को वापस लेने की मांग कर रहे हैं.

भारतीय किसान यूनियन एकता के महासचिव सुखदेव सिंह ने कहा कि सरकार ने बिल तो लोकसभा में पास कर दिया है लेकिन इसे लागू किसी सूरत में नहीं होने दिया जाएगा. उन्होंने कहा इससे पहले भी सरकार जमीन अधिग्रहण का कानून लेकर आयी थी लेकिन किसानों के ज़बरदस्त विरोध के बाद उसे पीछे हटना पड़ा था और बिल वापिस लेना पड़ा था। सुखदेव सिंह ने कहा इस बार भी तीनों क़ानूनों को लागू नहीं होने दिया जाएगा।


इधर संसद में चल रहे मॉनसून सत्र भी इसी मुद्दे को लेकर गर्म है। किसान मुद्दे पर केंद्रीय मंत्रिमंडल से अलग हो चुकी शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने कहा है की इसी मुद्दे पर आगे चर्चा करने के लिए पंजाब जा रहे है और पार्टी के नेता और कार्यकर्ता से मिलकर आगे की रणनीति साफ़ करेंगे। हालांकि, बादल ने साफ़' किया कि जब तक किसान बिल वापस नहीं लिए जाते, तब तक केंद्र सरकार के साथ कोई बातचीत नहीं होगी।

हरियाणा के रोहतक मंडी में भी किसानों ने अपने प्रदर्शन को तेज़ कर दिया है और अब हड़ताल पर भी चले गए हैं. हालांकि, इस गतिरोध से लोगो को नुक्सान भी हो रहा है हड़ताल की वजह से बाजरा, कपास समेत दूसरी फसलों की खरीद नहीं हो सकी है. इस बीच किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि 20 सितंबर को पहले जिला स्तर पर और फिर दो अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन पूर्व पीएम लाल बहादुर शास्त्री के दिल्ली स्तिथ समाधि स्थल पर धरना देंगे.

वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा भाजपा सरकार अपने अमीर खरबपति दोस्तों को कृषि क्षेत्र में घुसाने के लिए ज्यादा व्याकुल दिख रही है. वो किसानों की बात तक नहीं सुनना चाहती.

वहीं कृषि अध्यादेश के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे एक 55 वर्षीय किसान प्रीतम सिंह ने सल्फास की गोलियां खा लीं, जिसके बाद शुक्रवार देर रात उनकी मौत हो गई।  प्रीतम की मौत के बाद अब किसानों में भारी रोष है और किसान और सरकार के बीच चल रहा गतिरोध आगे भी जारी रह सकता है।

ताज़ा वीडियो