किसान नेताओं का 26 मार्च को 'भारत बंद' का ऐलान, 19 मार्च को 'मंडी बचाओ-खेती बचाओ' दिवस

by GoNews Desk 3 years ago Views 2631

farmers protest
केन्द्र के कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ आंदोलन कर रहे किसानों के प्रदर्शन को 100 दिन से ज़्यादा हो चुका है। इस मौके पर बीते दिनों किसानों ने काला दिवस के रूप में मनाया। अब किसानों ने आंदोलन के चार महीने पूरे होने पर 26 मार्च को भारत बंद का आह्वान किया गया है। बुधवार को किसान संगठनों ने ये अपील की है। शांतिपूर्ण बंद सुबह से शाम तक प्रभावी रहेगा। साथ ही किसानों ने आंदोलन को मज़बूत करने के लिए आगे के प्लान भी बताए हैं।

किसान नेता बूटा सिंह ने कहा कि किसान और व्यापार संघ मिलकर 15 मार्च को पेट्रोल-डीज़ल के दामों में वृद्धि और रेलवे के निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि किसान 19 मार्च को 'मंडी बचाओ-खेती बचाओ' दिवस मनाएंगे। किसान यूनियनों ने भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव का शहीदी दिवस मनाने का भी फैसला लिया है।


इनके अलावा किसानों नेताओं ने 28 मार्च को होलिका दहन के दौरान नए कृषि कानूनों की प्रतियां जलाने का भी फैसला किया है। किसान आंदोलन का देश दुनिया पर क्या प्रभाव पड़ रहा है? यह मुद्दा धरनास्थल में छाया हुआ है। विभिन्न राज्यों से पंचायत करके लौट रहे किसान नेताओं से आंदोलनकारी किसान वहां की जानकारी लेने में जुटे हुए हैं।

ऐसी जानकारियां किसानों को और ज़्यादा उत्साहित कर रही हैं। पिछले 24 घंटे के दौरान मुरैना जिला के श्योपुर और उससे पहले उत्तराखंड के रुद्रपुर में हुई किसानों की पंचायत की सफलता किसानों के लिए काफी मायने रखती है। इन पंचायतों में संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य राकेश टिकैत सहित कई नेता मौजूद थे। दरअसल, किसान कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं जबकि केंद्र इसमें संशोधन की बात कह रही है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट इन कानूनों पर जनवरी महीने में ही अंतरिम रोक लगा चुकी है।

भारतीय किसान यूनियन नेता राकेश टिकैत ने 13 मार्च को कोलकाता जाने का ऐलान किया है। हालांकि, टिकैत ने यह साफ किया है कि उनका दौरा चुनाव के संबंध नहीं है। किसान शुरु से कह रहे हैं कि वो किसी भी दल का समर्थन नहीं करेंगे। राकेश टिकैत ने कहा कि वो राज्य में किसानों से मुलाकात कर भारतीय जनता पार्टी को हराने और अच्छी सरकार चुनने की अपील करेंगे।

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