किसानों की मौत एक ‘साज़िश’, हत्या के लिए चले मुक़दमा: लखीमपुर हिंसा में SIT की अर्जी

by Sarfaroshi 2 years ago Views 2695

Lakhimpur Kheri

लखीमपुर खीरी कांड की जांच कर रही स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम ने जिला मेजिस्ट्रेट से सभी आरोपियों पर मामले में लगी आईपीसी की धाराओं को बदलने और नई धाराओं को जोड़ने की इजाज़त मांगी है।

एसआईटी के मुख्य जांच अधिकारी विद्याराम दिवाकर ने जिला मेजिस्ट्रेट के सामने एक अर्ज़ी दायर की है। इसमें कहा गया है कि 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी के तिकोनिया में किसानों को कार से कुचलने की घटना लापरवाही के कारण नहीं घटी थी बल्कि इसे ‘सुनियोजित साज़िश’ के तहत प्रदर्शनकारी किसानों को जान से मारने के मक़्सद से अंजाम दिया गया था। 

अर्जी में केंद्रीय मंत्री अजय टेनी के बेटे आशीष मिश्र समेत 14 अन्य लोगों पर अतिरिक्त धारा जोड़ने की अनुमति मांगी गई है ताकि सभी पर हत्या की कोशिश के लिए मुक़दमा चलाया जा सके। एसआईटी की अर्ज़ी पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सभी अभियुक्तों को आज ही कोर्ट में पेश होंने के आदेश दिए हैं।

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लखीमपुर हिंसा की जांच कर रही एसआईटी की अर्ज़ी से यह साफ़ है कि आशीष मिश्र, जिसे घटना का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है और 13 अन्य अभियुक्तों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अब तक किसानों की हत्या के ज़िम्मेदार माने जा रहे सभी 14 लोगों पर आईपीसी की धारा 304ए के तहत केस दर्ज किया गया था।

धारा 304ए लापरवाही के कारण हुई मौत से जुड़ी है लेकिन अधिकारी की दायर अर्ज़ी में केस से इस धारा को हटाकर जानलेवा हमले के लिए धारा 307, गंभीर चोट देने के लिए धारा 326, अवैध शस्त्र बरामद होंने या रखने और लाइसेंस हथियार का ग़लत इस्तेमाल करने संबंधी धाराओं को जोड़ने की इजाज़त मांगी है। 

3 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के तिकोनिया गांव में कार के एक काफ़िले ने प्रदर्शन कर रहे किसानों को कुचल दिया था। इसमें चार किसानों की मौत हो गई थी जबकि कई प्रदर्शनकारी घायल हुए थे। हादसे के बाद इलाके में हिंसा भड़क उठी थी जिसमें एक पत्रकार समेत 4 और लोग मारे गए थे।

घटना के साक्षियों का कहना था कि किसानों को कुचलने वाली कार को आशीष मिश्र चला रहा था। घटना की जांच कर रही SIT ने मिश्र के अलावा 13 और लोगों को हिरासत में लिया है। सभी फ़िल्हाल लखीपुर खीरी ज़िला जेल में कैद हैं। 

SIT की अर्ज़ी सामने आने के बाद राहुल गांधी ने पीएम मोदी को घेर लिया है। उन्होंने कहा कि एक मंत्री ने किसानों को मारा और प्रधानमंत्री को यह पता है और सभी एक टीम में है। कांग्रेस नेता ने पीएम मोदी से आशीष मिश्र के पिता को केंद्रिय मंत्री पद से हटाने की मांग की है और कहा कि प्रधानमंत्री के फ़िर से मांफ़ी मांगने का समय आ गया है। 

इस बीच आशीष मिश्र ने ज़मानत के लिए अर्ज़ी दी है जिस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ ब्रांच ने राज्य सरकार को जवाबी हलफ़नामा दायर करने के लिए दो हफ़्तों का समय दिया है हालांकि आज मामले में आए नए मोड़ के बाद आशीश्र को जम़ानत मिलना बेहद मुश्किल लग रहा है। 

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