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पड़ोसी देश पाकिस्तान में सड़क पर क्यों हैं तहरीक 'TLP' के समर्थक ?

by M. Nuruddin 4 weeks ago Views 5452

प्रदर्शन के हिंसक हो जाने से पाकिस्तान की सरकार ने बुधवार रात को पंजाब के पूर्वी पाकिस्तानी प्रांत में अर्धसैनिक बलों की तैनाती कर दी है...

Why are the supporters of Tehreek 'TLP' on the roa
पड़ोसी देश पाकिस्तान में लाखों की संख्या में तहरीक-ए-लब्बैक (टीएलपी) के समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं। सोमवार को संगठन के चीफ साद हुसैन रिज़्वी की गिरफ़्तारी के बाद उनके समर्थक हिंसक हो गए। विरोध-प्रदर्शनों में अबतक दो पुलिसकर्मियों की मौत हो गई है और 340 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। बुधवार को हिंसक विरोध-प्रदर्शनों के बाद पाकिस्तान की सरकार ने कट्टरवादी राजनीतिक संगठन टीएलपी पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है।

पाकिस्तान के इंटीरियर मिनिस्टर शेख रशीद ने बताया कि संगठन को टेररज़्म एक्ट के तहत प्रतिबंधित करने का फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि ‘मैंने पंजाब सरकार द्वारा टीएलपी पर प्रतिबंध लगाने के लिए भेजे गए एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।’


इस्लामिस्ट राजनीतिक संगठन ईश निंदा के कथित कृत्यों के ख़िलाफ़ लगातार विरोध-प्रदर्शन पर उतारू है। कट्टरवादी संगठन फ्रांस के ख़िलाफ़ लगातार विरोध-प्रदर्शन करता रहा है। संगठन ने पाकिस्तान सरकार से फ्रांसीसी राजदूत को देश से बाहर करने की मांग की थी। संगठन का आरोप है कि सरकार ने इसका वादा भी किया था।

बरेलवी राजनीतिक संगठन के चीफ साद रिज़वी ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर पाकिस्तान सरकार को 20 अप्रैल तक बड़े स्तर पर विरोध-प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। इसके बाद ही पुलिस ने लाहोर में उन्हें गिरफ़्तार कर लिया। रिज़वी को एक पुलिस कांस्टेबल की हत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है। पुलिस का आरोप है कि रिज़वी के समर्थकों ने पुलिस कांस्टेबल को अगवा कर उनकी पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।

पाकिस्तान के इंटीरियर मंत्री ने बताया की गिरफ़्तारी के विरोध में हिंसक विरोध-प्रदर्शनों में शामिल रिज़वी के 1400 समर्थकों को भी गिरफ़्तार किया है। सोशल मीडिया पर टीएलपी समर्थकों के हिंसा की कई तस्वीरें साझा की जा रही है। संगठन को प्रतिबंधित किए जाने का डिप्टी चीफ सईद हसन ने बयान जारी कर विरोध किया और आरोप लगाया है कि सरकार ने रिज़वी को गिरफ्तार करके फ्रांसीसी राजदूत को निष्कासित करने के समझौते का उल्लंघन किया है। साथ ही उन्होंने डेढ़ दर्जन प्रदर्शनकारियों के मारे जाने का दावा किया।

बुधवार को पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई भी की जिसमें दो प्रदर्शनकारी के मारे जाने की ख़बर है। पुलिस की कार्रवाई में सैकड़ों लोग घायल भी हुए हैं। विरोध-प्रदर्शन के हिंसक हो जाने से पाकिस्तान की सरकार ने बुधवार रात को पंजाब के पूर्वी पाकिस्तानी प्रांत में अर्धसैनिक बलों की तैनाती कर दी है।

टीएलपी कैसा राजनीतिक संगठन ?

टीएलपी या तहरीक-ए-लब्बैक एक कट्टरवादी बरेलवी राजनीतिक संगठन है जिसकी शुरुआत साद हुसैन रिज़वी के पिता ख़ादिम हुसैन रिज़वी ने अगस्त 2015 में की थी। ख़ादिम हुसैन रिज़वी का हाल ही में निधन हो गया। इसके बाद साद हुसैन रिज़वी को पार्टी का चीफ बनाया गया था। पाकिस्तान में पार्टी के लाखों समर्थक हैं। पिछले आम चुनाम में पार्टी को 25 लाख वोट मिले थे।

कट्टरवादी संगठन पहली बार साल 2017 में तब चर्चा में आया जब इस्लामाबाद के पास फैजाबाद इंटरचेंज में क़ानून मंत्री को हटाए जानों की मांग पर तीन सप्ताह तक बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। बाद में तत्कालीन सरकार को अपने क़ानून मंत्री को बर्खास्त करना पड़ा, जिसके बाद प्रदर्शन ख़त्म हुआ था।

टीएलपी को देश के ईश निंदा क़ानून में किसी भी बदलाव के जवाब में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के लिए जाना जाता है। 2018 में, पुलिस ने कई टीएलपी सदस्यों को गिरफ्तार किया और पार्टी से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स और वेबसाइटों को बंद कर दिया था।

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