अमेरिका में बड़ा साइबर अटैक: हैकर्स बोले, 'इरादा ये नहीं था'

by Siddharth Chaturvedi 5 months ago Views 28219

US declares state of emergency as cyber attack shu
साइबर अटैक के कारण किसी देश में आपातकाल लगने की ख़बर शायद ही आपने कभी पढ़ी होगी, लेकिन अमेरिका में बड़ा साइबर अटैक हुआ है। इस साइबर अटैक के बाद अमेरिकी सरकार ने आपातकाल का एलान भी कर दिया है। कहा जा रहा है कि यह अमेरिका में अब तक का सबसे बड़ा साइबर अटैक है।

अब साइबर अपराधियों ने एक बयान जारी कर माना है कि ये हैकिंग उन्होंने ही की है। डार्कसाइड नाम के एक साइबर अपराधी गिरोह ने अपनी वेबसाइट पर एक सार्वजनिक बयान में लिखा है, "हमारा इरादा केवल पैसे कमाना है, आम लोगों के लिए समस्या खड़ी करना नहीं।”


बता दें कि कोलोनियल पाइपलाइन जिसपर यह साइबर हमला हुआ है उसके द्वारा प्रतिदिन 25 लाख बैरल तेल जाता है। अमेरिका के ईस्ट कोस्ट के राज्यों में डीज़ल, गैस और जेट ईंधन की 45% आपूर्ति इसी पाइपलाइन से होती है। पर अब साइबर हमले के बाद अमेरिका में पेट्रोल पंपों पर तेल की कीमतें प्रति गैलन छह सेंट तक बढ़ गईं हैं। वहीं वॉल स्ट्रीट में अमेरिकी तेल कंपनियों के शेयरों के भाव भी 1.5% ऊपर चले गए हैं।

वैसे अब सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या इस अटैक के पीछे रूस का हाथ है?

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि वो साइबर हमले के इस पहलू को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा, "मैं राष्ट्रपति पुतिन से मुलाक़ात करूँगा मगर हमारे ख़ुफ़िया लोगों के मुताबिक़ अभी तक इस बात के कोई प्रमाण नहीं हैं कि इसमें रूस का हाथ है।” "हालांकि, इस बात के प्रमाण हैं कि हमला करने वाला रैन्समवेयर रूस में है और ऐसे में रूस की भी कुछ ज़िम्मेदारी बनती है कि वो इससे निपटे।”

बहरहाल बता दें कि डार्कसाइड ने हमले के बाद अपनी वेबसाइट पर एक बयान पोस्ट किया जिसमें उसने ख़ुद को 'अराजनीतिक' बताया है। उसने लिखा है, "हम राजनीति नहीं करते, हमें किसी सरकार के साथ जोड़ने की ज़रूरत नहीं और ना ही ये पता करने की कि हमारा मक़सद क्या है।” उसने यह भी संकेत दिया है कि उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनसे जुड़े सहयोगी हैकर्स कोलोनियल पाइपलाइन को निशाना बना रहे हैं। वो लिखता है, "आज के बाद से हम निगरानी शुरू करेंगे और हर उस कंपनी की जाँच करेंगे जिसे हमारे सहयोगी हैक करना चाहते हैं ताकि भविष्य में आम जनजीवन पर इसका असर ना हो."

बता दें कि कुछ डीनो पहले डार्कसाइड नाम के साइबर अपराधी गिरोह ने कोलोनियल नेटवर्क में सेंध लगाई थी और लगभग 100GB डेटा को अपने कब्ज़े में ले लिया था। इसके बाद हैकरों ने कुछ कंप्यूटरों और सर्वरों पर डेटा को लॉक कर दिया और फिर फिरौती की माँग की। उन्होंने धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिये गए तो वे इस डेटा को इंटरनेट पर लीक कर देंगे। कंपनी का कहना है कि वो सेवाओं को बहाल करने के लिए पुलिस, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों और ऊर्जा विभाग के संपर्क में हैं।

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