आर्मीनिया-अज़रबैजान युद्ध में हजारों मौतों का अंदेशा, पाकिस्तान पर शामिल होने के लगे आरोप

by Siddharth Chaturvedi 1 year ago Views 7559

Thousands of deaths in Armenia-Azerbaijan war, Pak
आर्मीनिया और अज़रबैजान ने विवादित क्षेत्र नागोर्नो काराबाख़ में एक दूसरे पर संघर्ष विराम तोड़ने के आरोप लगाए हैं। बता दें कि दोनों पक्ष शनिवार रात 12 बजे से संघर्ष विराम लागू करने पर राज़ी हो गए थे। लेकिन ये समझौता कुछ पल भी नहीं ठहर सका। जहा आर्मीनिया ने अज़रबैजान पर सुलह होने के चार मिनट बाद ही तोप के गोले और रॉकेट दागने का आरोप लगाया, वहीं अज़रबैजान की ओर से कहा गया है कि आर्मीनिया ने दो मिनट बाद ही गोलीबारी शुरू कर दी थी।

बीते महीने दोनों देशों के बीच उस विवादित क्षेत्र को लेकर लड़ाई शुरू हुई थी जिसे अंतरराष्ट्रीय जगत अज़रबैजान का हिस्सा मानता है लेकिन जिस पर आर्मीनियाई लोगों का नियंत्रण है। माना जा रहा है की इस लड़ाई में अब तक कम से कम 700 लोगों की जान जा चुकी है.


अब एक ताज़े समझौते के हिसाब से दोनों ही देशों ने एक दूसरे के नागरिक संस्थानों पर हमला नहीं करने की हामी भरी है लेकिन इसके बारे में अधिक जानकारियाँ साझा नहीं की गई हैं।  फ़िलहाल तो दोनों देश एक दूसरे पर उकसावे की कार्रवाई का आरोप लगा रहे हैं।

पहले आर्मीनिया रक्षा मंत्रालय ने अज़रबैजान पर आर्टिलरी यानि तोप से गोलाबारी का आरोप लगाया। फिर आर्मीनिया के विदेश मंत्री ज़ोहराब म्नातसाकान्यान ने कहा कि "अज़रबैजान की यही नीति है, दूसरे पर आरोप लगा दो और आक्रमण जारी रखो।”

दूसरी तरफ, अज़रबैजान विदेश मामलों के प्रमुख हिकमत हाजीयेफ़ का कहना है कि ताज़ा संघर्ष के लिए आर्मीनिया ही ज़िम्मेदार है। उन्होंने कहा कि आर्मीनिया मौजूदा संघर्षविराम का फ़ायदा अज़रबैजान के नए इलाक़ों पर क़ब्ज़ा करने के लिए उठा रहा है।

अबतक आर्मीनिया के कुल 673 जवानों के मरने की पुष्टि की है, वहीं दूसरी तरफ़ अज़रबैजान ने लड़ाई में मारे गए जवानों की अपनी कोई सूची जारी नहीं की है। आशंका जताई जा रही है मरने वालो की संख्या हज़ारों में हो सकती है।

वहीं अब इन दो देशों के खुनी संघर्ष में पाकिस्तान का नाम भी सामने आ रहा है। 15 अक्टूबर को आर्मीनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिन्यान ने कहा था कि तुर्की की सेना के साथ मिलकर पाकिस्तान की स्पेशल फोर्स आर्मीनिया के ख़िलाफ़ नागोर्नो-काराबाख़ में जारी लड़ाई में शामिल है. हालांकि, पाकिस्तान ने इस बात का खंडन किया है। लेकिन साफ तौर पर कहा है कि वो अज़रबैजान को कूटनीतिक और राजनीतिक समर्थन देता रहेगा.

आपको बता दें कि विवादित क्षेत्र नागोर्नो काराबाख़ 4,400 वर्ग किलोमीटर यानी 1,700 वर्ग मील का पहाड़ी इलाक़ा है। नागोर्नो काराबाख़ में पारंपरिक तौर पर ईसाई आर्मीनियाई और तुर्क मुसलमान रहते हैं. अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इस इलाक़े को अज़रबैजान के हिस्से के रूप में मान्यता दी जाती है, लेकिन यहां की अधिकांश आबादी आर्मीनियाई है.

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