सऊदी अरब में सालाना हज़ारों अरब रूपये का खाना हो रहा बर्बाद, पवित्र स्थान मक्का टॉप पर

by M. Nuruddin 1 year ago Views 7808

Thousands of billions of rupees worth of food wast
दुनियाभर में जहां एक तरफ खाने की समस्या पैदा हो रही है वहीं दूसरी तरफ सऊदी अरब में खाने की बर्बादी उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। सऊदी में सालाना हज़ारों अरब रूपये का खाना बर्बाद हो जाता है। इनमें टॉप पर पवित्र स्थान मक्का है, जहां खाने की बर्बादी सबसे ज़्यादा होती है।

सऊदी अरब की कृषि निवेश और पशु उत्पाद विभाग ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि देश में सालाना फूड वेस्ट 400 अरब सऊदी रियाल यानि 7,832 अरब रूपये पर पहुंच गया है। इनमें सबसे ज़्यादा खाने की बर्बादी मक्का में होती है जहां दुनियाभर से लाखों की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग हज के लिए पहुंचते हैं।


रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में सबसे ज़्यादा चावल की बर्बादी होती है। कुल खाने की बर्बादी में अगर सालाना दर के हिसाब से देखा जाए तो 31 फीसदी चावल की बर्बादी होती है। वहीं रोटी 25 फीसदी, चिकन 16 फीसदी और मछली की बर्बादी 14.5 फीसदी तक होती है। यही नहीं मुस्लिम समुदाय खजूर को काफी मान्यता देते हैं जिसकी कुल खाने की बर्बादी में 5.5 फीसदी हिस्सेदारी है।

सऊदी ग्रेन्स ऑर्गेनाइज़ेशन द्वारा अप्रैल में जारी रिपोर्ट बताती है कि 917,000 टन आटा और रोटियों की सालाना बर्बाद होती है। साथ ही 557,000 टन चावल, 444,000 टन पोल्ट्री मांस और 335,000 टन से अधिक सब्जियां बर्बाद हो जाती हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि सऊदी में सालाना प्रति व्यक्ति 184 किलोग्राम खाने की बर्बादी होती है।

बड़े स्तर पर हो रही खाने की बर्बादी को देखते हुए सऊदी की पर्यावरण मंत्रालय ने सऊदी ग्रेन्स ऑर्गेनाइज़ेशन के साथ मिलकर एक जागरूकता अभियान भी शुरु की है। इसके तहत लोगों में खाने की महत्वता और इसको बर्बाद करने से बचाने के उपाए बताए जा रहे हैं। जानकार मानते हैं कि इतने बड़े स्तर पर हो रही खाने की बर्बादी से देश की अर्थव्यवस्था को अरबों रूपये का नुकसान हो रहा है।

ताज़ा वीडियो