संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी, साढ़े तीन लाख लोगों पर भुखमरी का संकट

by GoNews Desk 1 month ago Views 8882

Starvation haunts Ethiopia's Tigray
संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों का कहना है कि इथियोपिया के टिग्रे प्रांत में लगभग 3,50,000 लोगों के सामने भुखमरी का संकट खड़ा हो गया है। और लाखों लोगों के सामने अकाल का ख़तरा मंडरा रहा है।

संयुक्त राष्ट्र की दो एजेंसियों विश्व खाद्य कार्यक्रम और खाद्य और कृषि संगठन ने साझा रूप से हंगर हॉटस्पॉट नाम की एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में बढ़ती भुखमरी के लिए हिंसक संघर्ष, कठोर मौसम की घटनाओं और कोविड-19 को ज़िम्मेदार बताया गया है।


विश्व खाद्य कार्यक्रम के प्रमुख डेविड बियस्ली ने इथियोपिया के टिग्रे प्रांत में तत्काल जीवनरक्षक सहायता पहुंचाने के लिए रास्तों को खोले जाने का आग्रह किया है। सरकारी सुरक्षा बलों और हथियारबंद गुटों के बीच लड़ाई जारी रहने से, हिंसा प्रभावित इलाकों में साढ़े तीन लाख लोगों पर अकाल का ख़तरा मंडरा रहा है। यूएन एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक प्रांत के 55 लाख लोगों को तत्काल खाद्य सहायता की ज़रूरत है।

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों का कहना है कि 2010 से 2012 तक सोमालिया में आए अकाल के बाद टिग्रे में खाद्य संकट सबसे ख़राब है। बता दें कि सोमालिया में उस दौरान ढाई लाख से अधिक लोगों की मौत हो गई थी उनमें से आधे से अधिक बच्चे थे।

संयुक्त राष्ट्र मानवीय सहायता के प्रमुख मार्क लोकॉक ने जी7 समूह के प्रतिनिधियों की वर्चुअल बैठक में चेतावनी दी कि "टिग्रे में अब अकाल" है। लोकॉक ने चेतावनी दी कि "यह बहुत ख़राब होने वाला है।" लेकिन साथ ही कहा कि तत्काल कार्रवाई के साथ "सबसे ख़राब को अभी भी टाला जा सकता है।"

संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन, संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम और यूनिसेफ ने अब नई चेतावनी दी है कि अन्य 20 लाख लोग "तत्काल कार्रवाई के बिना बहुत जल्द ही भुखमरी से मर सकते हैं।"

बता दें कि इथियोपिया सरकार ने पिछले नवंबर में टिग्रे पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट के ख़िलाफ़ एक सैन्य अभियान शुरू किया था, जो टिग्रेस प्रांत में सक्रिय है। नतीजतन, क्षेत्र में संघर्ष तेज़ी से जटिल हो गया है।

अंतर्राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा चरण वर्गीकरण की जारी विश्लेषणात्मक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस क्षेत्र में लगभग 3.5 लाख लोग वर्तमान में एक विनाशकारी सूचकांक के तहत जी रहे हैं जो बेहद गंभीर कठिनाइयों की श्रेणी में आता है। 31 लाख लोगों के लिए खाद्य की कमी "संकट" स्तर पर जा पहुंची है और 21 लाख लोग "आपात" हालात में जी रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, "यह गंभीर संकट संघर्ष के ज़बरदस्त प्रभावों का परिणाम है, जिसमें लोगों का विस्थापन, आवाजाही पर प्रतिबंध, सीमित मानव पहुंच और रोज़गार में कमी शामिल हैं।"

रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर संघर्ष बढ़ता है या किसी अन्य कारण से मानवीय सहायता बाधित होती है तो टिग्रे के अधिकांश हिस्सों में अकाल का ख़तरा होगा। हालांकि, इथियोपिया के विदेश मंत्री डेमके मेकोनेन ने संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट को ख़ारिज करते हुए कहा कि यह झूठी सूचना पर आधारित है।

रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में सबसे ज़्यादा संकट अफ्रीकी देशों में है, लेकिन अब अफगानिस्तान, सीरिया, लेबनान और हैती जैसे देश भी भूख के तेज़ी से बढ़ने की आशंका का सामना कर रहे हैं।

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