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पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने दिया हिंदू संत की समाधि फिर बनाने का आदेश, तोड़ने वालों से होगी खर्च की वसूली

by GoNews Desk 3 months ago Views 18034

Pakistan's Supreme Court orders to rebuild the tom
पाकिस्तान अक्सर अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न के लिए चर्चा में रहता है लेकिन हाल में आये सुप्रीम कोर्ट के एक फ़ैसले में एक उलट कोशिश नज़र आती है। पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने पख़्तूनख़्वाह प्रांत में तोड़ी गयी हिंदू संत श्री परम हंस जी महाराज की समाधि को दो हफ़्ते में दोबारा बनाने का आदेश दिया है। यही नहीं उसने समाधि तोड़ने वाले दंगाइयों से इस पनर्निर्माण के ख़र्च की वसूली का भी आदेश दिया है।

पिछले हफ्ते करक ज़िले के टेरी गाँव में स्थिति इस ऐतिहासिक समाधि को एक मौलवी के भड़काने पर भीड़ ने   ढहा दिया था। कहा जा रहा है कि एक हिंदू नेता समाधि से लगते हुए अपना घर बना रहा था जिससे लोग नाराज़ थे। इस मामले में सरकार ने कड़ा रुख़ अख़्तियार करते हुए 92 पुलिसवालों को निलंबित कर दिया है। इसमें एसपी और डीएसपी भी शामिल है। इसके अलावा 109 लोगों को समाधि तोड़ने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है।


संत श्री परमहंस जी महाराज इस इलाके के प्रतिष्ठित संत थे। 1919 में उनके निधन के बाद यहीं उनकी अंत्येष्टि की गयी थी और उनकी समाधि पर उनके अनुयायी पूजा-पाठ के लिए आते थे। पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए मंगलवार को इस मामले की सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गुलज़ार अहमद की अगुवाई में तीन सदस्यीय बेंच ने इस मामले को बेहद गंभीर और पाकिस्तान की छवि ख़राब करने वाला पाया। सुप्रीम कोर्ट ने न सिर्फ समाधि के पुनर्निर्माण का आदेश दिया बल्कि ख़ैबर पख्‍तूनख्वाह सरकार से कोर्ट में रिपोर्ट भी सौंपने को कहा है।

चीफ़ जस्टिस गुलज़ार अहमद ने कहा कि केवल पुलिस अधिकारियों को निलंबित करना काफ़ी नहीं है। इस घटना से पाकिस्तान की छवि दुनिया भर में ख़राब हुई है। कोर्ट ने कहा कि दो हफ्ते के अंदर समाधि बनाये जाने का काम शुरू हो और भीड़ को भड़कावने वाले मौलवी शरीफ़ और उसके ‘गैंग’ से पुनर्निर्माण का ख़र्च वसूल किया जाये।

यह समाधि धार्मिक स्थलों की देखभाल करने वाले सरकारी ट्रस्ट की संपत्ति है। पाकिस्तान हिंदू काउंसिल के चेयरमैन रमेश कुमार  ने कोर्ट में कहा कि हर साल सैकड़ों हिंदू इस समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित करने आते हैं।  यह हिंदुओं के लिए वैसा ही पवित्र स्थल है जैसा कि सिखों के लिए करतारपुर साहेब।

सुप्रीम कोर्ट दो हफ्ते बाद इस मामले की फिर सुनवाई करेगा।

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