ताइवान पर 'चीन की चेतावनी'; शी-बाइडन की मुलाक़ात में और क्या हुआ ?

by M. Nuruddin 7 months ago Views 37755

"अमेरिका में कुछ लोग 'चीन को नियंत्रित करने के लिए ताइवान का इस्तेमाल करने' का इरादा रखते हैं।" "यह चलन बहुत ख़तरनाक है..."

'China's warning' on Taiwan; What else happened du
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और पिपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के राष्ट्रपति शी जीनपिंग के बीच मंगलवार, 16 नवंबर को एक वर्चुएल मीटिंग हुई है। मीटिंग में दोनों देशों ने बेहतर और अधिक "ईमानदार" कम्युनेशन का आह्वान किया। दोनों देशों के बीच कोविड महामारी, वीगर मुसलमानों, साइबर सुरक्षा और अति महत्वपूर्ण मुद्दों में एक ताइवान पर भी चर्चा हुई।

मीटिंग के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने जो बाइडन को अपना “पुराना दोस्त” बताया। दोनों नेताओं शी जिनपिंग और बाइडन के बीच चार घंटे तक चर्चा चली, जो भारतीय समय के हिसाब से सुबह के 4:30 बजे ख़त्म हुई।


मीटिंग में जो बाइडन ने क्या कहा ?

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने शी जिनपिंग से कहा, “शायद मुझे और ज़्यादा औपचारिक रूप से शुरू करनी चाहिए, हालांकि आप और मैं कभी भी एक दूसरे के साथ औपचारिक नहीं रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि “दोनों ने हमेशा एक दूसरे के साथ बहुत ही ईमानदारी और स्पष्ट रूप से संवाद किया। हम कभी भी यह सोचकर नहीं छोड़ते कि अगला आदमी क्या सोच रहा है।” जो बाइडन ने कहा कि दोनों पक्षों को “यह सुनिश्चित करने की ज़रूरत है कि हमारे बीच जो कंपटीशन हैं वो हमारे संघर्ष के बीच न आए।”

जो बाइडन ने यह भी कहा, “हम मानते हैं - और आपने और मैंने इस बारे में बात भी की है कि - सभी देशों को एक समान नियम के तहत चलना है, यही वजह है कि अमेरिका हमेशा हमारे हितों, मूल्यों और हमारे सहयोगियों और भागीदारों के लिए खड़ा हो रहा है।”

कहा जा रहा है कि जो बाइडन ने शिनजियांग के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में वीगरों के खिलाफ मानवाधिकारों के हनन और सामूहिक दमन के व्यापक मुद्दों पर भी शी जिनपिंग के सामने चिंता ज़ाहिर की।

चीन और अमेरिका के बीच ताइवान के मसले पर तनाव बढ़ रहे हैं। अमेरिका हमेशा से ताइवान में चीनी कार्रवाई की आलोचना करता रहा है। पिछले महीने ही जो बाइजड ने कहा था कि “अगर चीन ने हमला किया तो अमेरिका ताइवान की रक्षा करेगा।”

हाल ही में ताइवान में चीनी “घुसपैठ” के बाद चिंता और भी ज़्यादा बढ़ गई थी। 23 मिलियन की आबादी वाला स्व-घोषित लोकतांत्रिक देश ताइवान को चीन अपना बताता रहा है। हालांकि अमेरिका इसे अपनी हिंद-प्रशांत रक्षा रणनीति में एक प्रमुख सहयोगी के रूप में देखता है।

ताइवान पर चीन की अमेरिका को चेतावनी

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ताइवान को लेकर गर्मजोशी से बात की। चीनी राष्ट्रपति की तरफ से ताइवान के मसले पर अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ मीटिंग के दौरान शी जिनपिंग ने जो बाइडन को आगाह किया कि ताइवान की स्वतंत्रता को प्रोत्साहित करना "आग से खेलने जैसा“ होगा।

रिपोर्ट के मुताबिक़ शी जिनपिंग ने कहा, "अमेरिका में कुछ लोग 'चीन को नियंत्रित करने के लिए ताइवान का इस्तेमाल करने' का इरादा रखते हैं।" यह चलन बहुत ख़तरनाक है और आग से खेलने जैसा है, और आग से खेलने वाले जल जाएंगे।"

हालांकि व्हाइट हाउस की तरफ से कहा गया कि, “ताइवान पर, राष्ट्रपति बाइडन ने साफ किया कि अमेरिका ... यथास्थिति को बदलने या ताइवान में शांति और स्थिरता को कम करने के एकतरफा कोशिशों का कड़ा विरोध करता है।"

हालांकि अमेरिकी नीति ताइवान को एक स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता नहीं देता लेकिन इस आइसलैंड की रक्षा करने का अमेरिका का पुराना वादा है।

अमेरिका की अफ़ग़ानिस्तान से वापसी के बाद काफी आलोचना हुई थी, ऐसे में अगर अमेरिका ताइवान की रक्षा करने में विफल होता है तो वो उसकी साख़ और विश्वसनीयता के लिए नुक़सानदेह साबित हो सकता है।

मीटिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और क्या बोले ?

रिपोर्ट के मुताबिक चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि, “दोनों देशों को “कम्युनेकेशन” में सुधार करने और "एक साथ" चुनौतियों का सामना करने की ज़रूरत है। दोनों नेता (शी जिनपिंग और जो बाइडन) उस समय वीडियो कॉन्फ्रेंस पर चर्चा कर रहे थे, जब दोनों देशों के संबंध ताइवान, हांगकांग और शिनजियांग के पश्चिमी क्षेत्र में कथित तौर पर वीगर मुसलमानों के साथ चीनी बर्ताव की वजह से ठीक नहीं रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ शी जिनपिंग ने यह भी कहा कि “जलवायु परिवर्तन और कोविड -19 जैसी वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए चीन और अमेरिका के बीच एक स्वस्थ संबंध होना ज़रूरी है।”

शी जिनपिंग ने कहा कि, "मानवता वैश्विक गांवों में रहती है, और हम एक साथ कई चुनौतियों का सामना करते हैं। चीन और अमेरिका को कम्युनेकेशन और को-ऑपरेशन बढ़ाने की ज़रूरत है।"

शी जिनपिंग ने मीटिंग में कहा, "चीन-अमेरिका संबंधों को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने के लिए, मैं आपके साथ काम करने के लिए तैयार हूं, मिस्टर प्रेज़िडेंट।”

पहले आमने-सामने मिल चुके हैं शी-बाइडन

इससे पहले अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद दोनों नेताओं के बीच दो बार फोन पर बात हुई है। कोरोना महामारी के बाद से चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग चीन से बाहर नहीं गए हैं। इस दरमियान उन्होंने COP26 की मीटिंग में भी हिस्सा नहीं लिया।

बाइडन के राष्ट्रपति बनने के बाद दोनों नेताओं में आमने-सामने मुलाक़ात नहीं हुई है लेकिन दोनों नेता अपने उप राष्ट्रपति के कार्यकाल में मिल चुके हैं। तब जो बाइडन बराक ओबामा के साथ और शी जिनपिंग हू जिंताओ (Hu Jintao) के कार्यकाल में उप राष्ट्रपति थे।

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