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बेनज़ीर भुट्टो: पाकिस्तान की खूनी राजनीति का शिकार बनने वाली पहली महिला प्रधानमंत्री

by GoNews Desk 3 months ago Views 16454

Benazir Bhutto: First Prime Minister to become the
पाकिस्तान की पहली महिला प्रधानमंत्री रहीं बेनज़ीर भुट्टो का जन्म 21 जून 1953 को कराची, सिंध में एक बड़े राजनीतिक परिवार में हुआ था। भारत में नेहरू-गांधी परिवार की तरह, पाकिस्तान का भुट्टो परिवार दुनिया के कुछ सबसे प्रसिद्ध राजनीतिक परिवारों में है।

बेनजीर के पिता जुल्फिकार अली भुट्टो 1970 के दशक की शुरुआत में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री थे। उनकी सरकार पाकिस्तान गठन के 30 वर्षों बाद पहली सरकार थी जो सेना द्वारा नहीं चलाई गई थी। जुलाई 1977 में पिता का तख्तापलट होने के बाद उसी साल अक्टूबर में बेनज़ीर ने पाकिस्तानी राजनीति में कदम रखा और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की सेंट्रल कमेटी की सदस्य बनीं।


1979 में उनके पिता पर देशद्रोह का आरोप लगाकर तानाशाह जनरल जिया-उल-हक़ ने फाँसी पर चढ़ा दिया और बेनज़ीर और उनकी माँ को जेल में डाल दिया गया। 1 साल जेल में और नज़रबंद रहने के बाद बेनज़ीर देश छोड़कर लंदन चली गई।

हार्वर्ड और ऑक्सफोर्ड में पढ़ाई करने वाली बेनज़ीर अपने उदारवादी विचारो के वजह से हमेशा कट्टरपंथी नेताओं के निशाने पर रहीं लेकिन उन्होंने लोगो के बीच अपनी जगह बनाई।

1988 के चुनावों में जीत के बाद वह 1990 तक पाकिस्तान की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में शासन करती रहीं। इसके बाद 1993 से 1996 तक उन्हें दोबारा पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनने का मौका मिला।

अपने पिता और 2 भाइयों को पाकिस्तान की खूनी राजनीती के हाथों खोने वाली बेनज़ीर को अपनी जान भी गँवानी पड़ी जब 27 दिसंबर 2007 को रावलपिंडी में चुनाव प्रचार के दौरान वे एक 15 साल के आत्मघाती हमलावर का निशाना बनीं।

उनकी हत्या का शक़ पूर्व राष्ट्रपति और तानाशाह परवेज़ मुशर्रफ, पाकिस्तान तालिबान और उनके पति आसिफ अली ज़रदारी पर भी जताया गया  जो बाद में पाकिस्तान के राष्ट्रपति बने।

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