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नाइजीरिया में बोको हराम की क़ैद से रिहा हुए अगवा किये गये 344 स्कूली बच्चे

by M. Nuruddin 4 months ago Views 6850

पूर्वोत्तर राज्यों में बोको हराम और दक्षिण अफ्रीकी प्रांत में पिछले दस सालों से सक्रिय इस्लामिक स्टेट के जिहादियों ने अशांति फैलाई हुई है...

344 abducted school children released from Boko Ha
चरमपंथी संगठन बोको हराम ने उत्तरी नाइजिरिया से अपहरण किए गए सभी स्कूल बच्चों को रिहा कर दिया है। उत्तरी नाइजिरिया के कैटसिना (Katsina) राज्य के गवर्नर अमीनू बेल्लो मसारी (Aminu Bello Masari) ने एक टीवी चैनल को दिए अपने बयान में दावा किया कि सभी 344 स्कूली छात्रों को छुड़ा लिया गया है।

हालांकि नाइजिरयाई राष्ट्रपति ऑफिस के एक अधिकारी का कहना है कि स्कूली छात्रों को तो छुड़ा लिया गया है लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कितनों की रिहाई हुई है। पहले से ही साफ नहीं था कि असल में कितने छात्रों का अपहरण हुआ था। जबकि कैटसिना के गवर्नर का कहना है कि नाइजीरिया के सुरक्षा बलों ने उस इलाके को घेर लिया था और चरमपंथियों को बातचीत के ज़रिये गोली नहीं चलाने के निर्देश दिए गए थे। गवर्नर ने कहा कि छात्रों की मेडिकल जांच के बाद उनके परिवार सौंप दिया जाएगा।


एक हफ्ते पहले कैटसिना राज्य के कंकारा शहर में चरमपंथियों ने एक गवर्नमेंट साइंस सेकेंडरी स्कूल के सैकड़ों छात्रों का अपहरण कर लिया था। माना जा रहा था कि 'स्थानीय हमलावरों' ने फिरौती के लिए छात्रों का अपहरण किया जिन्होंने इलाक़े में अशांति फैला रखी है। लेकिन बीते मंगलवार को चरमपंथी संगठन बोको हराम ने एक ऑडियो मैसेज जारी कर अपहरण की ज़िम्मेदारी ली थी।

अपहरण के बाद उत्तरी नाइजिरया में भारी विरोध-प्रदर्शन भी हुआ। प्रदर्शनकारियों ने नाइजीरिया में असुरक्षा और हिंसा बढ़ने का आरोप लगाया। नाइजिरिया के राष्ट्रपति मुहम्मद बुहारी ने छात्रों की रिहाई का स्वागत किया और कड़ाई से सुरक्षा मामलों से निपटने का दावा किया।

कंकारा स्कूली छात्रों का अपहरण नाइजीरियाई स्कूल से पिछले छाह साल में किया गया तीसरा अहरण है। इससे पहले साल 2014 में इसी इसी संगठन (बोको हराम) ने दक्षिण राज्य बोरनो के चिडबूक से 250 से ज़्यादा स्कूली लड़कियों का अपहरण कर लिया था। इनमें कई लड़िकयों का अभी तक कुछ पता नहीं है जबकि कई को छुड़ा लिया गया। वहीं साल 2018 में उत्तर पूर्व राज्य से करीब 100 लड़कियां अपहरण कर ली गई थीं जिनमें कई कुछ दिनों में वापस लौट आई थीं।

नाइजीरिया के कई राज्य लंबे समय से अशांति का शिकार हैं। ग्लोबल फाइनेंस मैग़्ज़ीन की ताज़ा रिपोर्ट बताती है कि नाइजीरिया दुनिया में तीसरा सबसे ग़रीब देश है। इनके अलावा अशांति की एक अन्य वजह ये है कि यहां लंबे समय से जिहादी और चरमपंथी संगठन सक्रिय हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक़ इस साल के शुरुआत में ही उत्तर पश्चिम में सक्रिय आपराधिक समूंह करीब 1100 लोगों की जान ले चुके हैं। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में बोको हराम और दक्षिण अफ्रीकी प्रांत में पिछले दस सालों से सक्रिय इस्लामिक स्टेट के जिहादियों ने अशांति फैलाई हुई है। इस वजह से करीब 20 लाख लोगों को अपना घर-द्वार छोड़ना पड़ा और करीब 30 हज़ार लोगों के मारे जाने का अनुमान है।

सैकड़ों छात्रों का अपहरण नाइजीरियाई राष्ट्रपति के गृह राज्य में ही हुआ था, जो उस दौरान अपने गृह राज्य के दौरे पर थे। पिछले साल फरवरी में हुए राष्ट्रपति चुनाव में उन्होंने बोको हराम जैसे संगठनों से कड़ाई से निपटने का वादा किया था। इसके बावजूद इलाक़े में अशांति है जिसे लेकर स्थानीय लोगों में गुस्सा है।

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