कोरोना के शिकार हो सकते हैं इन्फ्लामेट्री सिंड्रोम वाले बच्चे, डब्ल्यूएचओ ने अलर्ट जारी किया

by GoNews Desk 1 year ago Views 73240

Children are falling ill with perplexing inflammat
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बच्चों को लेकर ख़ास सतर्कता बरतने की हिदायत दी है. डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि बच्चों में इंफ्लामेट्री सिंड्रोम जैसे हाथों या पैरों पर लाल चकत्ते निकलना, सूजन आना या पेट में दर्द होना कोरोना के लक्षण हो सकते हैं. अगर इन लक्षणों वाले बच्चों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉज़िटिव आती है तो इसकी रिपोर्ट डब्ल्यूएचओ को भेजे जाने की अपील की गई है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन की विशेषज्ञ डॉक्टर मारिया वैन कोरखोव ने कहा, “इस बारे में ब्रिटेन से रिपोर्ट आई है कि इंफ्लामेट्री सिंड्रोम से जूझ रहे बच्चों को आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा जिनमें से कुछ बच्चों की रिपोर्ट पॉज़िटिव आई. हालांकि ये पूरी तौर पर साफ नहीं है कि इस तरह के लक्षणों वाले बच्चों में सौ फीसद कोरोना के ही संक्रमण हैं. इसके बारे में और भी जानकारियां जुटाई जा रही है.”


अमेरिका के प्रतिष्ठित अख़बार वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक़ दुनिया में इस तरह के तकरीबन 100 मामले मिले हैं और 50 फीसदी मामले सिर्फ अमेरिका में हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के कार्यकारी निदेशक माइकल जे. रेयान का कहना है, “हो सकता है कि ये बच्चों में दिखने वाला मल्टीसिस्टम इंफ्लेमेट्री सिंड्रोम सीधे कोरोना वायरस के लक्षण न होकर वायरस के खिलाफ शरीर के रोग प्रतिरोधक तंत्र की अत्यधिक सक्रियता का परिणाम हो.”

वैज्ञानिक यह भी मानते हैं कि इस इंफ्लामेट्री सिंड्रोम के लक्षणों और इससे होने वाले जोखिम को समझना ज़रूरी है. उन्होंने कहा कि यूरोप और अमेरिका के अलावा दूसरे महादेशों के बच्चों में ये लक्षण हैं या नहीं, इसकी जानकारी इकट्ठी की जा रही है.

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