'कोरोना वॉरियर' के नाम पर पाखंड बंद करे सरकार, डॉक्टरों को दे सम्मान: IMA

by Ankush Choubey 10 months ago Views 53208

Central government is not giving due respect to do
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने कोरोना संक्रमण के कारण जान गंवाने वाले स्वास्थ्य सेवा कर्मियों की मौत का सरकार द्वारा संसद में जिक्र नहीं करने पर कड़ी आपत्ति जताई है.  इसके साथ ही आइएमए ने इस संक्रमण से जान गंवाने वाले 382 डॉक्टरों की लिस्ट भी जारी की और उन्हें 'शहीद' का दर्जा दिए जाने की मांग की.

एसोसिएशन ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने संसद में कहा कि पब्लिक हेल्थ और हॉस्पिटल राज्यों के तहत आते हैं इसलिए इंश्योरेंस कंपनसेशन का डाटा केंद्र सरकार के पास नहीं है.  आईएमए ने कहा कि यह कर्तव्य, त्याग और राष्ट्रीय नायकों का अपमान है जो अपने लोगों के साथ खड़े रहे.


आइएमए ने अपनी प्रेस रिलीज़ में कहा, किसी भी देश में कोरोना संक्रमण से इतनी बड़ी संख्या में डॉक्टरों की जान नहीं गई, जितने डॉक्टरों की भारत में गई है. एसोसिएशन ने कहा कि अगर सरकार कोरोना से संक्रमित होने और जान गंवाने वाले डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के आंकड़ें नहीं रखती, तो उसे महामारी अधिनियम, 1897 और आपदा प्रबंधन कानून लागू करने का नैतिक अधिकार नहीं है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने कड़े शब्दों में कहा कि इससे इस पाखंड का भी पर्दाफाश होता है कि एक तरफ इनको कोरोना वॉरियर कहा जाता है और दूसरी तरफ इनके और इनके परिवार को शहीद का दर्जा और फायदे देने से मना किया जाता है.

आईएमए ने सरकार से मांग की है कि मरने वाले सबसे डॉक्टरों को को शहीद का दर्जा दिया जाना चाहिए.  केंद्र सरकार सभी के परिवार को सांत्वना और मुआवजा भी देना चाहिए,  सरकार को नर्सों और बाकी अन्य हेल्थ केयर वर्कर प्रतिनिधि से भी ऐसा डेटा ले और  अगर प्रधानमंत्री उचित समझें तो उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष को बुलाएं और उनकी चिंताएं समझें और उनसे सुझाव भी लें.

देश में लगातार कोरोना महामारी का संकट बढ़ता ही जा रहा है. इस बात का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है दुनियाभर में जो नए मामले सामने आरहे है उनमें से 30 फीसदी मामले सिर्फ भरता में ही आरहे हैं. देश में बीते 24 घंटे में 97 हज़ार 894 नए संक्रमित मिले है और 1 हज़ार 132 लोगों की मौत भी हो चुकी है.  जबकि देश में कुल संक्रमितों का आंकड़ा 51 लाख पार कर चूका है और इनमें से अभी भी 10 लाख से ज्यादा एक्टिव केस है. वहीं अब तक 83 हज़ार से ज्यादा लोग अपनी जान गवां चुके हैं.

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