बैन के बावजूद दिल्ली-NCR में आतिशबाजी; ज़हरीली हवा में सांस ले रहे लोग हो सकते हैं बीमार

by Sarfaroshi 2 months ago Views 1207

air quality in delhi-ncr

दिवाली पर लोगों ने जी भर के आतिशबाज़ी की है। त्योहार के सीज़न में पटाखों पर कंपलीट बैन के बावजूद दिल्ली और एनसीआर के कई इलाकों में देर रात तक पटाखे जलाए गए जिसके बाद अब दिल्ली और इससे सटे इलाकों नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद में एयर क्वालिटी बेहद खराब हो गई है। इन इलाकों में हवा दम घोटने जैसी हो गई है और लोग लगभग ‘ज़हरीली’ हवा में सांस ले रहे हैं।

देश के कई राज्यों में दिवाली की शाम से सुबह तक जलाए गए पटाखों के कारण प्रदूषण के हालात खराब हो गए हैं। राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में आतिशबाज़ी के बाद विजीबिलटी काफी कम हो गई। रास्ते से आने वाले यात्रियों खासकर कार या बाइक चलाने वाले लोगों ने सड़कों पर घना कोहरा होने की बात कही। पोल्यूषन का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखने लगा है। राजधानी में लोगों को गले में जलन और आंखों में पानी जैसी परेशानी हो रही है। 

‘जहरीली’ हुई दिल्ली-NCR की हवा 

एयर क्वालिटी इंडेक्स के शुक्रवार सुबह 11 बजे के अपडेट के मुताबिक राजधानी दिल्ली में AQI 462 दर्ज किया गया। फरीदाबाद में हवा की गुणवत्ता 460, गाजियाबाद में 450, ग्रेटर नोएडा में 423 रहा जबकि दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरूग्राम के में एयर क्वालिटी 478 रही जो कि ‘गंभीर’ श्रेणी में आती है। देश के दूसरे हिस्सों में भी दिवाली की अगली सुबह ज़्यादातर राज्यों की हवा ‘खराब’ श्रेणी में देखी गई।

आज से पहले भी इन इलाको में एयर क्वालिटी खराब थी लेकिन शुक्रवार की तुलना में इनमें कुछ सुधार था। सोमवार को दिल्ली का AQI 281, और मंगलवार को 303 देखा गया जबकि बुधवार को शाम 4 बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स 314 रहा।    
 
नोएडा में 999 AQI

बता दें कि त्योहारों के सीज़न में जलाए गए पटाखों के कारण हवा की गुणवत्ता के खराब होने की आशंका से दिल्ली, इसके पड़ोसी हरियाणा और कई दूसरे राज्यों ने पटाखों पर पूरी तरह बैन लगा दिया था लेकिन इस प्रतिबंध को दरकिनार दिल्ली के लाजपत नगर, पश्चिम विहार, पूसा, बुराड़ी में लोगों ने सुबह तक आतिशबाज़ी की जबकि फरीदाबाद और गुरूग्राम में high intensity के पटाखे जलाए गए।

इसका नतीजा रहा कि यहां बीती रात और सुबह हवा की क्वालिटी दिल्ली से ज़्यादा खराब रही। यहां तक की गुरूग्राम और नोएडा के कुछ हिस्सों में AQI 999 के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। AQI अगर 0-50 के बीच हो तो इसे अच्छा समझा जाता है जबकि 400-500 के बीच एयर क्वालिटी इंडेक्स ‘गंभीर’ की श्रेणी में आता है।

बैन को दरकिनार कर हुई आतिशबाजी

दिवाली से कुछ दिन पहले ही कई राज्य सरकारों ने पटाखों पर बैन या इन्हें जलाने के लिए गाइडलाइन जारी की थी। दिल्ली, हरियाणा में आतिशबाज़ी पर पूरी तरह बैन लगा दिया गया था। पंजाब और असम जैसे राज्यों में सिर्फ ईकोफ्रेंडली पटाखों को जलाने की अनुमति थी जबकि छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों ने त्योहारों के दौरान आतिशबाज़ी का समय निर्धारित किया था। पश्चिम बंगाल में भी कलकत्ता हाईकोर्ट ने पटाखों पर पूरी तरह बैन लगाने का आदेश दिया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसके फैसले को ‘अतिवादी’ करार देते हुए इसे रद्द कर दिया था।    

ज़्यादा खराब हो सकती है राजधानी की हवा

गुरूवार की रात को की गई आतिशबाज़ी के कारण आने वाले कई दिनों तक दिल्ली और एनसीआर के इलाकों की हवा शायद सांस लेने के लायक न रहे जबकि शुक्रवार और शनिवार को हवा की गुणवत्ता सबसे खराब रह सकती है। अर्थ मिनिस्ट्री की वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान एजेंसी के मुताबिक हवा उत्तर-पश्चम की ओर दिशा बदलेगी जिसके चलते शुक्रवार और शनिवार को दिल्ली की हवा में पीएम 2.5 कणों में 35-40 फीसदी इज़ाफा होने की आशंका है। इस बीच उत्तरी भारत में ठंड पड़ना शुरू हो गई है और अब कोहरे के भी बढ़ने की संभावना है।

इस मौसम में लोगों का बीमार पड़ना आम बात होता है वहीं उच्च स्तर के वायु प्रदूषण के कारण लोगों को दूसरी स्वास्थ्य परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।   यानि कि कहा जा सकता है कि बीते दिन जलाए गए पटाखों का खामियाज़ा लोगों को कई दिनों तक भुगतना होगा।

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