रेलवे ग्रुप डी के कैंडिडेट्स की समस्या क्या है ?

by M. Nuruddin 3 months ago Views 621

What is the problem of Railway Group D candidates?
रेलवे ग्रुप डी भर्ती में अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा है। कैंडिडेंट्स ने आज, 28 जनवरी 2022 को बिहार बंद का आह्वान किया है जिसे विपक्षी दलों के महागठबंधन का भी समर्थन हासिल है। इनके अलावा एनडीए की सहयोगी हिंदुस्तान अवाम मोर्चा और विकासशील इंसान पार्टी ने भी प्रदर्शनकारी स्टूडेंट्स को समर्थन दिया है।

रेलवे ग्रुप डी के हज़ारों कैंडिडेट्स 26 जनवरी को सड़क पर आए, जिनपर पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। कई कैंडिडेट्स घायल हो गए और चार युवाओं को गिरफ्तार भी किया गया है।


विरोध-प्रदर्शन में शामिल सैकड़ों कैंडिडेट्स के ख़िलाफ़ मामले दर्ज किए गए हैं जिनमें चार को गिरफ्तार भी किया गया है और सभी युवा हैं। इनके अलावा बिहार पुलिस ने कथित रूप से कैंडिडेट्स को उक़साने के आरोप में छह कोचिंग संस्थान के शिक्षकों के ख़िलाफ़ भी मामले दर्ज किए हैं।

इस विरोध-प्रदर्शन का असर चुनावी राज्य उत्तर प्रदेश में भी देखने को मिला है, जहां पुलिस ने कुछ छात्रों पर लाठीचार्ज कर दिया। यूपी पुलिस ने प्रयागराज में छात्रों के लॉज में घुसकर उनपर लाठी बरसाए। इस मामले के बाद तीन पुलिसकर्मियों को बर्ख़ास्त कर दिया गया है।

विरोध-प्रदर्शन की वजह !

विरोध-प्रदर्शन 14 जनवरी के बाद से चल रहा था जब रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड ने ग्रुप डी के सीबीटी-I के परिणाम का ऐलान किया, जिसमें सीबीटी-II के लिए कैंडिडेट्स को शॉर्टलिस्ट किया गया था। परीक्षा के परिणाम को लेकर कैंडिडेट्स ने विरोध जताया और परिणाम में अनियमितताओं के आरोप लगाए।

इसके बाद से कैंडिडेट्स लगातार सोशल मीडिया पर अपना विरोध ज़ाहिर कर रहे थे। विरोध-प्रदर्शन कर रहे युवा बताते हैं कि उन्होंने ‘रेल मंत्री को टैग कर लाखों ट्वीट किए और एक हैशटैग ट्रेंड कर करोड़ों ट्वीट किए, जिसे बाद में कथित रूप से सरकार के दबाव में ट्विटर ने ब्लॉक कर दिया।’

कैंडिडेट्स का गुस्सा इस बात से पैदा होता है कि सरकार ने आरआरबी गैर-तकनीकी लोकप्रिय श्रेणियों (RRB-NTPC - Railway Recruitment Boards Non Technical Popular Categories Exam) के लिए दो कंप्युटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) आयोजित करने का फैसला किया।

प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि 2019 में आरआरबी नोटिफिकेशन में भर्ती के लिए इसका उल्लेख नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि   नोटिफिकेशन में सिर्फ एक ही परीक्षा का उल्लेख किया गया था। आरोप है कि कैंडिडेट्स का एक बड़ा समूंह जिनकी मेरिट के आधार पर भर्ती होनी चाहिए थी, इस तरह से वंचित रह जाएंगे।

एनटीपीसी नोटिफिकेशन 2019

जबकि रेल मंत्रालय ने प्रदर्शनकारियों के आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि भर्ती नोटिस में परीक्षा के दूसरे चरण (सीबीटी-II) का उल्लेख किया गया था। बोर्ड ने कहा कि किसी भी योग्य उम्मीदवार को चयन से वंचित करने का सवाल ही नहीं उठता।

एनटीपीसी नोटिफिकेश से रेलवे मंत्रालय के दावे को बल मिलता है जिसके मुताबिक़, एनटीपीसी की चयन प्रक्रिया में 4 चरण होते हैं। स्टेज I कंप्यूटर आधारित टेस्ट, स्टेज II कंप्यूटर आधारित टेस्ट, टाइपिंग या स्किल टेस्ट / कंप्यूटर आधारित एप्टीट्यूड टेस्ट- सीबीएटी (जैसा लागू हो) और डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन और मेडिकल टेस्ट शामिल हैं।

नोटिफिकेशन के मुताबाकि़ ट्रेन क्लर्क, कमर्शियल कम टिकट क्लर्क, गुड्स गार्ड, सीनियर कमर्शियल कम टिकट क्लर्क, कमर्शियल अपरेंटिस के लिए, डॉक्यूमेंट्स वैरिफिकेशन और मेडिकल टेस्ट के बाद दो चरणों में सीबीटी होंगे, जिसका कैंडिडेट्स विरोध कर रहे हैं।

उग्र हुआ प्रदर्शन, ट्रेन में लगाई गई आग !

बिहार के पटना, गया, भागलपुर, सासाराम, जहानाबाद, नवादा, मुज़फ्फरपुर, बक्सर, सीतामढ़ी, आरा और भोजपुर में स्टूडेंट सड़क पर उतर आए और प्रदर्शन किया। 26 जनवरी को विरोध और भी हिंसक हो गया जब प्रदर्शनकारियों ने गया में राजगीर-नई दिल्ली श्रमजीवी एक्सप्रेस में आग लगा दी।

विरोध की वजह से, रेलवे ने अपने Non Technical Popular Categories Exam (NTPC) और लेवल-I टेस्ट को स्थगित कर दिया। इसके साथ ही आरआरबी के तहत परीक्षा पास करने वालों और असफल होने वाले कैंडिडेट्स की शिकायतों के लिए एक कमेटी भी बनाई गई जिसे कैंडिडेट्स ने ख़ारिज किया है और आगे भी प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।

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