पूर्वोत्तर राज्यों, केन्द्रशासित प्रदेशों के स्कूल बुनियादी सुविधाओं से वंचित: रिपोर्ट

by M. Nuruddin 11 months ago Views 1118

Schools In NorthEastern States, UT Deprived Of Bas
पूर्वोत्त राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था की हालत खस्ता बनी हुई है। यह बात हाल ही में शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एक रिपोर्ट युनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इन्फोर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस 2019-20 के डेटा के विश्लेषण से पता चलती है। 

रिपोर्ट के मुताबिक़ पूर्वोत्तर के पांच राज्य और केन्द्रशासित प्रदेशों जिनमें अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय और मिज़ोरम शामिल है, यहां ड्रॉपआुट रेट, स्कूलों की बुनियादी सुविधाएं और अल्पसंख्यकों का शिक्षा में योगदान बुरी हालत में है।


मसलन अगर यहां के स्कूलों में बिजली की व्यवस्था देखें तो अन्य राज्यों के मुक़ाबले बेहद ख़राब हालत में है। अरूणाचल प्रदेश में 56 फीसदी से ज़्यादा स्कूल में बिजली कनेक्शन है लेकिन इनमें सिर्फ 47 फीसदी ही फंक्शनल है।

इसी तरह असम के 42 फीसदी स्कूलों में बिजली कनेक्शन है और इनमें 39 फीसदी फंक्शनल है। मणिपुर के 52 फीसदी, मेघालयल के 21 फीसदी और मिज़ोरम के 77 फीसदी स्कूलों में फंक्शनल इलेक्ट्रिसिटी कनेक्शन है।

इनके अलावा पूर्वोत्तर राज्य असम में 87 फीसदी स्कूलों में फंक्शनल ड्रिंकिंग वॉटर कनेक्शन है लेकिन मेघायल के 37 फीसदी स्कूलों को ही पीने का पानी मिल रहा है। मेडिकल चेकप के मामले में भी पूर्वोत्तर के राज्य और केन्द्रशासित प्रदेश अन्य राज्यों के मुक़ाबले खराब हालत में है।

मसलन अरुणाचल प्रदेश में 3,666 स्कूल हैं और इनमें 60 फीसदी स्कूलों ने अपने बच्चों का मेडिकल चेकप कराया। इसी तरह मेघालय के 69 फीसदी स्कूलों ने और असम के 76 फीसदी स्कूलों ने मेडिकल चेकप कैंप ऑर्गेनाइज़ किया।

अब अगर मुस्लिम अल्पसंख्यकों का शिक्षा में योगदान देखें तो यह काफी चिंताजनक है। अरूणाचल प्रदेश में हायर सेकेंड्री के लिए कुल नामांकन कराने वाले छात्रों में मुस्लिम अल्पसंख्यकों का योगदान महज़ 1.5 फीसदी है।

मिज़ोरम में 0.18 फीसदी, मेघालय में 2.76 फीसदी और मणिपुर में यह 7.79 फीसदी है। जबकि पूर्वोत्तर में आने वाले राज्य असम में यह 23.8 फीसदी है जो अन्यों के मुक़ाबले बेहतर स्थिति में है।

हालांकि ड्रॉपआउट रेट के मामले में सेकेंड्री स्कूल आगे है जहां बच्चे अपनी पढ़ाई छोड़ रहे हैं। मसलन अरूणाचल प्रदेश में सेकेंड्री स्कूलों का ड्रॉपआउट रेट 34.3 फीसदी है, जबकि प्राइमरी में 6.2 और अपर प्राइमरी में यह 7.5 फीसदी है। 

क्लास बढ़ने के साथ-साथ बच्चे अपनी पढ़ाई छोड़ रहे हैं। पूर्वोत्तर में असम दूसरे स्थान पर है जहां सेकेंड्री स्कूलों में बच्चे सबसे ज़्यादा पढ़ाई छोड़ रहे हैं। यहां अपर प्राइमरी में 4.4 फीसदी तो सेकेंड्री में ड्रॉपाउट रेट 32.3 फीसदी है। इसी तरह मणिपुर के सेकेंड्री स्कूलों में 9.2 फीसदी, मेघालय में 22.2 फीसदी और मिज़ोरम में 20.4 फीसदी है।

आंकड़ों से पता चलता है कि पूर्वोत्तर राज्य स्कूली शिक्षा और बुनियादी सुविधा से अन्य राज्यों के मुक़ाबले वंचित हैं और राज्य, केन्द्रशासित और केन्द्र की सरकारों को इसपर ध्यान देने की ज़रूरत है।

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