27 फीसदी छात्रों के पास स्मार्टफोन/लैपटॉप नहीं, सबसे मुश्किल गणित ऑनलाइन समझना : NCERT सर्वे

by Siddharth Chaturvedi 1 year ago Views 3598

27 per cent students do not have smartphones / lap
कोरोना काल ने आम जनजीवन में बहुत कुछ बदल दिया है। बीमारी से बचाव के लिए धीरे-धीरे पुरे दिन की गतिविधियाँ ऑनलाइन होती जा रही है। चाहे स्कूली बच्चों की पढ़ाई हो या दफ़्तर के काम, यहाँ तक कि अब चुनाव भी ऑनलाइन आ चुके हैं। पर यह सारी बातें हमें सोचने पर मजबूर कर देती हैं कि क्या हमारा देश तैयार था इस ऑनलाइन दुनिया के लिए?

जवाब है नहीं और यह जवाब मिला है देश की उच्च शैक्षिक संस्थानों में शामिल एनसीईआरटी के एक सर्वे में।


एनसीईआरटी ने इस सर्वे में केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और सीबीएसई स्कूलों के छात्रों, अभिभावको, शिक्षकों और प्राचार्यो को शामिल किया था। इस सर्वे में पता चला कि ऑनलाइन क्लास करने के लिए लगभग 27 प्रतिशत छात्रों की स्मार्टफोन या लैपटॉप तक पहुंच ही नहीं है. जबकि 28 प्रतिशत छात्र और अभिभावक बिजली की समस्या को एक प्रमुख रूकावट मानते हैं.  आसान भाषा में कहे तो यह सर्वे साफ बताता है कि भारत अभी पूरी तरह डिजिटल नहीं हुआ है।

बता दे, इस सर्वे में लगभग 34,000 लोगों ने हिस्सा लिया था . इस सर्वे में शामिल लोगो का कहना था कि एक बड़ी दिक्कत टेक्नॉलोजी की कम जानकारी होना भी है।

सर्वे के अनुसार, करीब 36 प्रतिशत छात्र पाठ्यपुस्तक और उनके पास उपलब्ध किताबों का उपयोग कर रहे हैं. एनसीईआरटी के सर्वेक्षण में कहा गया है कि करीब 17 प्रतिशत छात्रों ने भाषा की पढ़ाई को ऑनलाइन माध्यम से कठिन बताया.

अधिकतर लोगों का मानना है कि ऑनलाइन माध्यम में गणित विषय की पढ़ाई कठिन है क्योंकि इसमें कई तरह के सिद्धांत होते हैं. इनमें बच्चों और शिक्षकों का संवाद बहुत ज़रूरी होता है. ऑनलाइन माध्यम में संवाद के साथ साथ निगरानी की भी कमी होती है.

बता दें कि कोरोना महामारी के चलते 16 मार्च से ही देश में विश्वविद्यालय और स्कूल बंद हैं. शैक्षिक संस्थानों के लंबी अवधि तक बंद होने के कारण ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा को आगे बढाया गया है.

ऑनलाइन माध्यम को अपनाना अभी हमारे देश के लिए मुश्किल है क्यूँ कि हम नहीं भूल सकते केरल कि उस लड़की को जिसने सिर्फ़ इस वजह से आत्महत्या कर ली थी क्यूँ कि वो ऑनलाइन कक्षा में पूरी तरह से शामिल नहीं हो पा रही थी।

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