UPTET प्रश्न पत्र लीक मामले में 26 गिरफ्तार, मास्टरमाइंड सहित 16 अकेले प्रयागराज से

by GoNews Desk 5 months ago Views 700

मीडिया से बातचीत में कुछ कैंडिडेट ने बताया कि उनकी और भी परीक्षाओं की तारीख़ इसी दरमियान में हैं और वे अब दुविधा में पड़ चुके हैं।

UPTET exam will be held again within a month, says
उत्तर प्रदेश सरकार ने बताया है कि यूपी पुलिस ने UPTET परीक्षा प्रश्न पत्र लीक होने के मामले में 26 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक़ इस मामले में सिर्फ प्रयागराज से 16 लोग शामिल थे। बयान के मुताबिक, पूरे ऑपरेशन के कथित मास्टरमाइंड राजेंद्र पटेल और प्रमुख खिलाड़ियों में एक चतुर्भुज सिंह भी प्रयागराज से गिरफ्तार किए गए लोगों में शामिल हैं।

उनके अलावा, पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों को गिरफ्तार किया, जिसमें एक सनी सिंह भी शामिल हैं, जो बिहार से सॉल्वर सोर्सिंग में सहायक था। यूपी सरकार ने कहा कि गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश की जा रही है।


यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोषियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून और गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की बात कही है। साथ ही उन्होंने एक महीने के भीतर फिर से परीक्षा कराए जाने की बात कही है।

उत्तर प्रदेश में दो साल देरी से कराई जाने वाली UPTET की परीक्षा रद्द करने से कैंडिडेट या अभ्यर्थियों का बड़ा नुक़सान हुआ है। परीक्षा रद्द किए जाने के अलावा ख़बर यह भी है कि बड़ी संख्या में ऐसे भी कैंडिडेट थे जिन्होंने यूपीएसआई की परीक्षा के लिए आवेदन दे रखा था, जिसकी परीक्षा तीन चरणों में हो रही है।

बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की प्रमुखता UPTET के लिए थी लेकिन अब इस परीक्षा के रद्द हो जाने से उनका भविष्य ख़तरे में पड़ गया है।

एक महीने के भीतर फिर होगी UPTET की परीक्षा !

ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने दोनों ही भर्तियों के लिए आवेदन किया था, वे न तो UPTET की परीक्षा दे पाए और ना ही UPSI की। चुनावी रैलियों में मशगूल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परीक्षा रद्द किए जाने के ऐलान के बाद कैंडिडेट को दिलासा दी है कि एक महीने के भीतर दोबारा परीक्षा कराई जाएगी।

इसके साथ ही उन्होंने मुफ्त बस सेवा का भी ऐलान किया है लेकिन कैंडिडेट परीक्षा के स्तर को लेकर भी असहज महसूस कर रहे हैं। कैंडिडेट या अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा में सवाल अच्छे पूछे गए थे लेकिन इसके साथ ही वे सवाल करते हैं कि "क्या मुमकिन है कि अब जो परीक्षा होगी उसमें इसी स्तर के सवाल पूछे जाएंगे।"

अभ्यर्थियों का यह सवाल लाज़्मी है। परीक्षा रद्द किए जाने के बाद छात्रों की यह हमेशा से शिकायत रही है कि दूसरी बार के परीक्षा में कठिन सवाल पूछे जाते हैं।

UPTET की प्राथमिक स्तर की परीक्षा 28 नवंबर 2021 को दो पालियों में सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे और 2:30 से शाम 5 बजे तक होनी थी, लेकिन परीक्षा शुरु होने से कुछ घंटे पहले ही रद्द कर दी गई। कई ऐसे भी परीक्षा सेंटर थे जहां अभ्यर्थियों को परीक्षा हॉल में एंट्री तक दे दी गई थी और उन्हें प्रश्न पत्र भी दे दिया गया था।

दूर-दूराज़ के कैंडिडेट के लिए परेशानी !

कई सेंटर पर कैंडिडेट को ओएमआर शीट भी दी गई और परीक्षा भी ली गई। कैंडिडेट को परीक्षा हॉल में इसकी जानकारी भी नहीं दी गई। ऐसे में कैंडिडेट के परिवार वालों ने वापस घर लौटने में परेशानी की बात भी ज़ाहिर की।

इससे साफ है कि परीक्षा के रद्द होने से जो कैंडिडेट दूर-दराज़ से दूसरे ज़िलों और क़स्बों में गए थे उन्हें वापस घर लौटने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा, जिनमें महिला कैंडिडेट भी शामिल हैं।

UPTET: प्राथमिक स्तर के लिए करीब 13 लाख कैंडिडेट ने किया था आवेदन 

भर्ति के लिए प्राथमिक स्तर के लिए 2554 केंद्रों पर और उसके बाद उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा 1754 केंद्रों पर होनी थी। पहली पाली में परीक्षा में बैठने के लिए कुल 12,91,628 उम्मीदवारों ने आवेदन दिया था जबकि दूसरी पाली में इसमें शामिल होने के लिए 8,73,553 उम्मीदवारों ने आवेदन कराया था।

UPSI के तीसरे चरण की परीक्षा

उत्तर प्रदेश सब इंस्पेक्टर, प्लाटून कमांडर और एफएसएसओ या फायर विभाग में 9,534 पदों के लिए भर्ति चल रही है। इसके लिए तीन चरणों में परीक्षा कराई जा रही है।
पहले चरण के लिए 12 नवंबर से 17 नवंबर और दूसरे चरण के लिए 19 नवंबर से 24 नवंबर तक की परीक्षा हो चुकी है। तीसरे चरण की परीक्षा 27 नवंबर से 2 दिसंबर तक कराई जा रही है। 

ऐसे में जिन कैंडिडेट ने UPTET Exam के लिए भी आवेदन दिया था उनके परीक्षा की तारीख़ 28 नवंबर को ही थी और प्रायोरिटी के हिसाब से बड़ी संख्या में कैंडिडेट ने UPSI की परीक्षा नहीं देने का फैसला किया, UPTET की परीक्षा देने का फैसला किया था।

"न इधर के रहे, न उधर के"

इनके अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक महीने के भीतर परीक्षा कराए जाने के मनोभाव से भी कैंडिडेट परेशान हैं। मीडिया से बातचीत में कुछ कैंडिडेट ने बताया कि उनकी और भी परीक्षाओं की तारीख़ इसी दरमियान में हैं। कैंडिडेट बताते हैं कि वे अब दुविधा में पड़ चुके हैं।

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