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लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था की हालत हुई ख़स्ता, 7.7 फ़ीसदी सिकुड़ जायेगी जीडीपी

by Rahul Gautam 3 months ago Views 1583

The condition of the economy due to lockdown, GDP
कोविद 19 या कोरोना संक्रमण रोकने के लिए मोदी सरकार ने 24 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा करके अनजाने में ही अर्थव्यवस्था को बहुत गहरी चोट पहुंचायी।  70 दिन तक चले सख्त लॉकडाउन से देश में उद्योग-धंधों की कमर टूट गई और भविष्य को लेकर संकट गहरा गया। हालांकि, अर्थव्यवस्था के बलि चढ़ जाने के बावजूद कोरोना महामारी को रोका न जा सका और और देश में संक्रमण के मामले 1 करोड़ के पार हो गये।

केंद्रीय सांख्यिकी मंत्रालय के अनुमान के मुताबिक भारत की जीडीपी यानि सकल घरेलू उत्पाद की कीमत वित्त वर्ष 2021 में 7.7 फीसदी सिकुड़ जाएगी। ध्यान रहे, चालू वित्त वर्ष 2021 के मार्च में खत्म होगा। देश के लिए यह पूर्वानुमान किसी खतरे की घंटी से कम नहीं क्योंकि यह रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के आकलन से भी ख़राब है जिसने साल 2021 में भारत की जीडीपी 7.5 फीसदी सिकुड़ने की बात कही थी। अगर ऐसा होता है की यह 1952 के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था में आई सबसे बड़ी गिरावट होगी।


ज़ाहिर है इस आर्थिक तबाही का सीधा असर पड़ेगा भारत के लोगों पर। हालत तो पहले ही ख़राब थी पर अब तो हालात बेहद चिंताजनक हो चुके हैं। मसलन जहाँ साल 2019 के नवंबर में नई निजी गाड़ियों की बिक्री में 16.2 फीसदी गिरावट दर्ज़ हुई थी, वह 2020 के नवंबर में 24.6 फ़ीसदी की गिरावट दर्ज हुई। इसी तरह मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में जहाँ 2019 के अक्टूबर में 0 .01 फीसदी की गिरावट दर्ज़ हुई थी, वह 2020 के इसी महीने 19.7 फीसदी घट गयी।

यही हाल आयात-निर्यात, तेल उत्पादन और माइनिंग का भी रहा। सभी क्षेत्रों में भारी गिरावट की आशंका जताई जा रही है। भारत में बढ़ते आर्थिक संकट की झलक अर्थव्यवस्था को रिपोर्ट करने वाली संस्था सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई)  के ताज़ा आंकड़ों में देखी जा सकती है। बेरोज़गारी दर दिसंबर में 9.1 प्रतिशत दर्ज की गई है।

सीएमआई के अनुसार लॉकडाउन के दौरान अप्रैल महीने में बेरोज़गारी दर 23.52 थी जिसके बाद ये कम हो कर नवंबर के महीने में 6.5 प्रतिशत तक पहुँच गई थी। इस बेरोज़गारी में इजाफे का कारण बड़ी संख्या में लॉकडाउन के दौरान पलायन किए हुए मज़दूरों का फिर से काम की तलाश में शहरों की ओर लौटना बताया जा रहा है।

सीएमआईई के सर्वेक्षण के अनुसार बीते नवंबर में रोजगार में 20.3 फीसदी की गिरावट दर्ज़ हुई है और 35 लाख नौकरी चली गई है। इससे पहले देश के सबसे बैंक स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ने भी एक रिपोर्ट में यह साफ किया था कि जीडीपी के कोविड पूर्व स्तर तक पहुंचने में लंबा वक्त लगेगा। एसबीआई की रिपोर्ट में कहा गया है  कि जीडीपी के कोरोना वायरस महामारी से पूर्व के स्तर पर दोबारा पहुंचने में वित्त वर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही से भी 7 तिमाही आगे का वक्त यानी क़रीब पौने तीन साल लग सकता है।

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