Auto Sector में सुस्ती, वाहनों की बिक्री एक बार फिर गिरी

by M. Nuruddin 8 months ago Views 4331

भारतीय बाज़ार से फोर्ड की हाई प्रोफाइल निकासी ने कई समस्याओं पर ध्यान केन्द्रित किया है...

Auto Sector Slowdown
ऑटो सेल में साल-दर-साल स्तर पर एक बार फिर गिरावट देखी गई है। ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर के नए आंकड़ों से पता चलता है कि सिर्फ टाटा को छोड़ सभी ऑटोमोबाइल कंपनियों के वाहनों की बिक्री सितंबर महीने में कम हुई है।

मारुति सुज़ुकी की बिक्री में सबसे ज़्यादा 46.16 फीसदी की गिरावट आई। कंपनी ने पिछले साल 2020 के सितंबर महीने में 160,442 यूनिट के मुक़ाबले 2021 के सितंबर महीने में सिर्फ 86,380 यूनिट की बिक्री की है।


इसके बाद होंडा कंपनी की गाड़ियों की बिक्री पिछले साल समान अवधि के मुक़ाबले 33.67 फीसदी कम हुई है। कंपनी ने पिछले साल 10,199 यूनिट के मुक़ाबले इस साल समान अवधि में 6,765 यूनिट बेचे हैं। इनके अलावा हुंडई कार की बिक्री में 23.57 फीसदी की गिरावट देखी गई है।

TATA के वाहनों की बिक्री बढ़ी

हालांकि अकेले टाटा मोटर्स ने पिछले साल के मुक़ाबले कार की बिक्री में ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी ने पिछले साल समान अवधि में 44,410 यूनिट के मुक़ाबले इस साल 26.07 फीसदी ज़्यादा 55,988 यूनिट की बिक्री की है। हालांकि गाड़ियों की बिक्री में गिरावट के लिए महामारी पर पूरा दोष नहीं मढ़ा जा सकता है।

ऑटो सेल में 2018 से ही गिरावट दर्ज की जा रही है। ऑटो सेक्टर में गिरावट की वजह से कई कंपनियों ने अपने मैन्युफैक्चरिंग में कटौती कर दी या फिर अपना मैन्युफेक्चरिंग ही रोक दिया। इससे सेक्टर से जुड़े हज़ारों लोगों पर रोजगार को संकट भी पैदा हुए हैं।

Auto Sector के लिए PLI Scheme

केन्द्र सरकार ने 23 सितंबर को ऑटोमोटिव और गैर-ऑटोमोटिव कंपनियों के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड स्कीम (पीएलआई) की शुरुआत की है जिससे ऑटो सेक्टर को प्रोत्साहन मिल सके। एक महीने पहले, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश के संकटग्रस्त ऑटोमोटिव सेक्टर की मदद के लिए सरकार द्वारा उठाए गए क़दमों की एक लिस्ट जारी की थी।

इसके माध्यम से ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए लोन की प्राप्ती को आसान किया गया है। इनके अलावा वित्त मंत्री ने सरकारी विभागों में पुरानी गाड़ियों को नए के साथ बदलने का भी ऐलान किया था।

सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटो मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) और अन्य उद्योग प्रमुखों ने वित्त मंत्री द्वारा ऐलान किए गए उस समय सभी उपायों का स्वागत किया था। टीवीएस मोटर कंपनी के प्रमुख वेणु श्रीनिवासन का कहना था कि- "जबकि वैश्विक मंदी के संकेत हैं, इस सरकार ने इन उपायों के माध्यम से भारत में इसके प्रभाव को कम करने के अपने संकल्प का प्रदर्शन किया है।”

भारतीय बाज़ार से FORD की निकासी 

भारतीय बाज़ार से फोर्ड की हाई प्रोफाइल निकासी ने कई समस्याओं पर ध्यान केन्द्रित किया है। ऑटो सेल में इस गिरावट को सिरियस लेने की ज़रूरत है, क्योंकि इस सेक्टर के लिए साल 2020 पहले ही मंदी का साल साबित हुआ और इससे ऑटोमोबाइल कंपनियों के सामने बड़ी चुनौतियां पैदा हुई।

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन ने जून में बताया कि जून में वाहनों की बिक्री में 42 फीसदी की गिरावट आई है। जून 2019 में 16,97,166 वाहनों की बिक्री हुई, लेकिन जून 2020 में बिक्री घटकर 9,84,395 यूनिट रह गई। कॉमर्शियल वाहनों की बिक्री सबसे ज़्यादा प्रभावित हुई है। कॉमर्शियल वाहनों की बिक्री में 83.83 फीसदी की गिरावट देखी गई।

जून 2019 में 64,976 कमर्शियल वाहन बिके, जो इस साल जून में घटकर 10,509 रह गए हैं। सिर्फ ट्रैक्टर के सेल में बढ़ोत्तरी लगातार जारी है।

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