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आपकी बचत पर बैंकों की नज़र

by Israr Ahmed Sheikh 1 year ago Views 754

Bank
रिज़र्व बैंक ने एक सर्कुलर जारी कर बैंकों से कहा है कि वो रिटेल और एमएसएमई  को दिये जाने वाले कर्ज़ की ब्याज दरों को रेपो रेट से लिंक करें, ताकि रेपो रेट में कटौती का फ़ायदा कर्ज़ लेने वाले ग्राहकों को मिल सके।

आरबीआई के इस फ़ैसले से आपके फ़्लोटिंग होम लोन और कार लोन की ईएमआई कम हो जाएगी। ज़ाहिर है पहली नज़र में आपको ये फ़ायदे का सौदा लग सकता है, लेकिन असल में आरबीआई का ये फैसला आपके भविष्य की योजनाओं के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।


कर्ज़ की ब्याज़ दरों में कटौती के साथ ही बैंक अब आपकी जमा पूंजी पर दिये जाने वाले ब्याज़ में भी कटौती की तैयारी कर रहे हैं। स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ने पांच सालों के लिये फिक्सड डिपॉज़िट पर ब्याज़ दर 6.6 फीसदी से घटाकर 6.25 फीसदी कर दी है यानी आपके फिक्सड डिपॉज़िट की ब्याज़ दर में 0.35 फीसदी की कमी हो गई।

इसका मतलब ये हुआ कि बैंकों ने आपको कर्ज़ की ईएमआई में जितनी राहत दी उससे ज़्यादा आपके फिक्सड डिपॉज़िट से मिलने वाले ब्याज़ में कटौती भी कर दी।

इसको ऐसे समझते हैं

मान लीजिये आपने पांच सालों के लिए पांच लाख रुपये का होम लोन लिया है। 8.6 फीसदी की ब्याज़ दर के हिसाब से पांच सालों में आपके ब्याज़ की रकम बनती है 1,16,943 रुपये। रेपो रेट से लिंक होने पर ब्याज़ दर रह जाती है 8.35 फीसदी, तो पांच सालों में दिये जाने वाली ब्याज़ की रक़म बनती है 1,13,329 रूपये यानी आपको होम लोन के ब्याज़ में 3,614 रुपये का फ़ायदा होगा।

आपके फिक्सड डिपॉज़िट पर इसका क्या असर पड़ेगा?

मान लीजिये आपने स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया में पांच सालों के लिये पांच लाख रुपये का फिक्सड डिपॉज़िट किया है। पुरानी ब्याज दर 6.6 फीसदी के हिसाब से आपको पांच सालों में ब्याज़ मिलना चाहिये 1,94,855 रूपये लेकिन नई ब्याज़ दर 6.25 प्रतिशत के हिसाब से आपको पांच सालों में ब्याज़ मिलेगा 1,82,864 रुपये, यानी आपको आपके फिक्सड डिपॉज़िट की आमदनी में पांच सालों में 11,991 रुपये का नुकसान होगा।

इसका मतलब, जितना आपको होम लोन की ब्याज़ दर घटने से फ़ायदा हुआ, उसका तीन गुने से भी ज़्यादा फिक्सड डिपॉज़िट की ब्याज दर घटने से आपको नुकसान हो गया।

वीडियो देखिये

आसान भाषा में

यदि बैंक आपको एक रुपये की बचत करवा रहे हैं तो वो आपकी जेब से तीन रुपये निकाल रहे हैं। ये वो रकम हैं जो आपने अपने भविष्य के लिये बैंक के पास फिक्सड डिपॉज़िट के तौर पर जमा की हैं। केंद्र सरकार को इस बात का अहसास है कि लोग बैंकों में जमा अपनी राशि निकालकर पीपीएफ या स्मॉल सेविंग्स स्कीम, किसान विकास पत्र या नेशनल सेविंग्स सर्टिफ़िकेट में जमा कर सकते हैं। लिहाज़ा सरकार जल्द ही इन योजनाओं की ब्याज़ दरों में भी कटौती कर सकती है।

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