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क्या भारतीय बाज़ारों से उठ रहा है विदेशी निवेशकों का भरोसा?

by Israr Ahmed Sheikh 1 year ago Views 484

NO IMPACT OF CENTRE’S ROLLBACK, FPI OUTFLOW CONTIN
इक्विटी बाज़ार से विदेशी पोर्टफ़ोलियो निवेशकों यानी एफपीआई की लगातार हो रही निकासी ने सरकार को मजबूर कर दिया कि वो एफपीआई पर लगे हायर टैक्स को वापस लें। हालांकि एफपीआई पर हायर टैक्स बजट प्रस्तावों में शामिल था, जो संसद के दोनों सदनों से पास हो चुके हैं।

वित्त मंत्री ने पहले तो बजट प्रस्तावों में किसी भी तरह के रोलबैक से साफ़ इन्कार कर दिया मगर जब इक्विटी बाज़ार से एफपीआई का आउटफ्लो लगातार जारी रहा तो वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने एफपीआई पर लगे हायर सरचार्ज के रोलबैक का ऐलान कर दिया लेकिन उसके बावजूद इक्विटी बाज़ार से विदेशी पोर्टफ़ोलियो निवेशकों की निकासी जारी रही।


वित्त मंत्री के ऐलान के बाद से सिर्फ़ पांच दिनों में ही एफपीआई ने इक्विटी बाज़ार से लगभग 5,487 करोड़ रुपये निकाल लिए। अगस्त के महीने में ही विदेशी पोर्टफ़ोलियो निवेशक, इक्विटी बाज़ार से 17,592 करोड़ रुपये निकाल चुके हैं।

बजट पेश होने के बाद से ही एफपीआई ने इक्विटी बाज़ार से पैसा निकालना शुरु कर दिया था। जुलाई के महीने में इक्विटी बाज़ार से एफपीआई का कुल आउटफ्लो 12,419 करोड़ रुपये का था।इससे पहले सिर्फ़ जनवरी में एफपीआई ने इक्विटी बाज़ार से 4,262 करोड़ रुपये निकाले थे।

इस साल के बाकी के महीनों में एफपीआई ने इक्विटी बाज़ार में जमकर निवेश किया था। वित्त मंत्री के रोलबैक के ऐलान के बावजूद भी इक्विटी बाज़ार से विदेशी पोर्टफ़ोलियो निवेशकों का पैसा निकालना इस बात का संकेत है कि विदेशी निवेशकों का भरोसा भारतीय बाज़ार से उठता जा रहा है।

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